आदिवसी बच्चों के साथ झूमे CM हेमंत सोरेन..पत्नी कल्पना ने भी थामा हाथ, बोले- KIIT को देंगे एक माह का वेतन
झारखंड के सीएम हेमंत सोरेन शुक्रवार को भुवनेश्वर के कलिंगा इंस्टीट्यूट ऑफ इंडस्ट्रियल टेक्नोलॉजी और इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंस में शामिल हुए। इस दौरान वह और उनकी पत्नी बच्चों के साथ झूमते नजर आए।

झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन शुक्रवार को भुवनेश्वर के कलिंगा इंस्टीट्यूट ऑफ इंडस्ट्रियल टेक्नोलॉजी और इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंस में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने लगभग 40 हजार आदिवासी बच्चों से संवाद किया। सीएम हेमंत सोरेन आदिवासियों के लिए KISS जैसे संस्थान का समर्थन करने के लिए तैयार है।
दरअसल, ये बाते सीएम हेमंत सोरेन ने तब कही जब वह और उनकी पत्नी कल्पना सोरेन एक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए ओडिशा गये हुए थे। यहां उन्होंने जनजातीय छात्रों की भारी भीड़ से प्रभावित सोरेन ने कहा कि उनकी सरकार झारखंड में KISS जैसे संस्थान के लिए सहायता प्रदान करने में संकोच नहीं करेगी।
सीएम हेमंत सोरेन ने कहा कि इस संस्थान में छात्रों को पढ़ाया जाएगा, कौशल और तकनीकी प्रशिक्षण दिया जायेगा। कहा कि ऐसे संस्थान स्थापित करने से आदिवासी छात्रों के लिए शिक्षा तक पहुंच आसान हो सकती है। उन्होंने कहा कि ओडिशा और झारखंड वामपंथी उग्रवाद जैसी कुछ सामान्य समस्याओं को साझा करते हैं।
इधर, कार्यक्रम में सीएम हेमंत सोरेन और उनकी पत्नी कल्पना सोरेन ने बच्चों के साथ खूब मस्ती किए। बच्चों के साथ खेलते और नाचते हुये नजर आये। बता दें कि कलिंग सामाजिक विज्ञान संस्थान- KISS में KISS फाउंडेशन, KISS स्कूल और कॉलेज और KISS विश्वविद्यालय शामिल हैं।
KISS Foundation भारत में एक NGO है जिसका मुख्यालय भुवनेश्वर, ओडिशा में है। स्कूल, कॉलेज और विश्वविद्यालय भोजन, शिक्षा और सशक्तिकरण के चौराहे पर स्थित इस पहल का शैक्षिक विंग है।
1992-93 में स्थापित एक उच्च शिक्षा संस्थान है। यह देश भर के वंचित आदिवासी समुदायों के छात्रों को शिक्षा प्रदान करता है। इस दौरान उन्होंने कहा कि मैं आज आपके लिए कुछ ला तो नहीं पाया हूँ पर हजारों वंचित और गरीब बच्चों को शिक्षा देने वाले इस उत्कृष्ट संस्थान को मैं अपने एक महीने का वेतन देना चाहता हूँ।
आप सभी बच्चें आगे बढ़ें। जज, वकील, डॉक्टर, इंजीनियर, आईएएस, आईपीएस, पत्रकार बन कर लोगों की मदद करें, यही मेरी कामना है। कलिंगा इंस्टीटूट में देश भर के हजारों गरीब और वंचित समाज के बच्चों को पढ़ाया और उनका भविष्य संवारा जाता है।
आप बच्चों की तरह हमने भी गरीबी, तकलीफ और भूख देखी है। कमजोर और वंचित समाज से आने वाले बच्चों को आगे बढ़ने के लिए बहुत ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है। इसलिए आज हमारी सरकार ने वंचित समाज के युवाओं को विदेश में उच्च शिक्षा के लिए भेजा है।
कुछ तो शिक्षा लेने के बाद वहीं रोजगार भी कर रहे हैं। शिक्षा और कम्पटीशन की तैयारी हेतु बच्चों और युवाओं को आर्थिक सहायता देने के लिए भी हम कानून लेकर आये हैं।












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