झारखंड- प्रधानमंत्री मत्स्य योजना के तहत बनेंगे 5 कोल्ड स्टेरेज, सरकार दे रही 40-60% अनुदान
रांची,4 नवंबर- झारखंड के बोकारो जिला मत्स्य कार्यालय वार्षिक 2023-2024 के लिए प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना की सौगात लाई है. इस योजना के तहत सभी मत्स्य कृषकों को प्रेरित करने के लिए और जिले में मत्स्य परियोजना को तेजी
रांची,4 नवंबर- झारखंड के बोकारो जिला मत्स्य कार्यालय वार्षिक 2023-2024 के लिए प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना की सौगात लाई है. इस योजना के तहत सभी मत्स्य कृषकों को प्रेरित करने के लिए और जिले में मत्स्य परियोजना को तेजी लाने के लिए 45 विभिन्न योजनाएं भारत सरकार द्वारा चलाई जा रही है. जिसमें मछली पालन से लेकर उसे बाजार में कोल्ड स्टोरेज तक पहुंचाने और बाजार में बेचने तक की सुविधा प्रदान की जाएगी. इन योजनाओं के तहत सरकार सामान्य वर्ग को 40% और एसी-एसटी को 60% अनुदान देगी.

जिला मत्स्य पदाधिकारी पी भार्गव ने बताया कि जिले में 5 अलग-अलग क्षमता वाले कई कोल्ड स्टोरेज का निर्माण होंगे. जिसकी लागत कुल 4.40 करोड़ रुपये होगी. इच्छुक किसान आवेदन कर सकते हैं. 10 नवंबर तक इन योजनाओं से जुड़ी कागजात जैसे एलपीसी, लीज एग्रीमेंट भूमि प्रतिवेदन योजना से संबंधित बैंक अकाउंट और आधार जमा कराने होंगे. 10 टन वाले शीतगृह (कोल्ड स्टोरेज) के निर्माण में 40 लाख रुपये की लागत आएगी. 20 टन वाले शीतगृह का निर्माण 80 लाख रुपये और 30 टन कोल्ड स्टोरेज का निर्माण 120 लाख रुपये में किया जाएगा. मछलियों की बिक्री के लिए केंद्र भी बनाए जाएंगे.
कम जगह होगा अधिक उत्पादन
झारखंड में सरकार के द्वारा संचालित प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत कई आरएएस का निर्माण किया जा रहा है. तालाब में जहां प्रति धन मीनट में 0.3 किलोग्राम से 1 किलोग्राम मछली का उत्पादन होता है. केच कल्चर के माध्यम से 25 से 30 किलो मछली का उत्पादन होता है. वहीं, वैज्ञानिक तरीके से प्रति घन मीटर में 40 से 50 किलो तक मछली का उत्पादन किया जा सकता है. आरएएस रीसर्क्युलेटिंग एक्वाकल्चर सिस्टम के तहत किसान बिना पानी बदले नेचुरल बायोलॉजिकल फिल्टर का इस्तेमाल कर कम घनत्व वाली जगह पर कई गुना अधिक मछली उत्पादन कर सकते है. इसके लिए सरकार की ओर से किसान को प्रशिक्षण भी दिया जाएगा.












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