Jharkhand: 'बदलते झारखंड की बात' विजन 2024 कार्यक्रम में CM हेमंत सोरेन ने बेबाक अंदाज में रखीं बातें

Badalte Jharkhand Ki Baat Vision 2024: Zee बिहार-झारखंड न्यूज चैनल ने झारखंड की राजधानी रांची में 'बदलते झारखंड' की बात विजन 2024 कार्यक्रम का आयोजन किया. इस कार्यक्रम में राज्य के सीएम हेमंत सोरेन सम्मिलित हुए. इस दौरान मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि राज्य में वर्तमान सरकार के गठन होते ही वैश्विक महामारी कोरोना ने देश और दुनिया में दस्तक दी. हमारी सरकार ने बिना कोई अफरा-तफरी के कोरोना संक्रमण से राज्यवासियों को बचाने का काम किया. कोरोना संक्रमण के समय अन्य राज्यों की स्थिति भी हम सभी ने देखी थी. पिछले साढ़े तीन वर्ष में हमारी सरकार कई चुनौतियों के बीच मजबूत कदमों के साथ आगे बढ़ रही है.

सीएम हेमंत सोरेन ने कहा कि हमारी सोच है कि हम झारखंड की जड़ को मजबूत करें. हालात जैसे भी हों राज्य में विकास के काम में कोई बांधा नहीं होनी चाहिए. झारखंड हर दिन विकास की नई ऊंचाइयों को छुए इस निमित्त एक बेहतर कार्य योजना बनाते हुए राज्यवासियों की भावना के अनुरूप हमारी सरकार चल रही है.

 CM Hemant Soren,

जन भावना के अनुरूप बन रही योजनाएं- सीएम

मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि राज्य में दो चरणों में 'सरकार आपके द्वार' कार्यक्रम चलाया गया. यह कार्यक्रम काफी सफल भी रहा. 'सरकार आपके द्वार' कार्यक्रम का उद्देश्य राज्य की भौगोलिक संरचना के अनुसार सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों तक सरकार की योजनाओं को पहुंचाना था. मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में बहुत ऐसे दुर्गम गांव है जहां के लोग बीडीओ, सीओ, डीसी, एसपी को देखे तक नहीं हैं. हमने ऐसी चीजों को समझने का प्रयत्न किया. हमारी सरकार की सोच है कि आखिर ऐसे गांवों तक सरकार की योजनाओं को कैसे पहुंचाया जा सके.

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने बंद कमरों में नहीं बल्कि लोगों के घरों तक पहुंच कर उनके आवश्यकता के अनुरूप कार्य योजना बनाने का काम किया है, जिससे वास्तविक तौर पर योजनाओं का लाभ आमजन तक पहुंच रहा है. मुख्यमंत्री ने कहा कि 'सरकार आपके द्वार' के दोनों चरणों में लगभग 90 लाख से अधिक आवेदन मिले. राज्य सरकार की तरफ से आम जनता से मिले हुए आवेदनों का लगभग शत प्रतिशत समाधान किया गया है.

हेमन्त सोरेन ने कहा कि झारखंड खून-पसीने से सींचा हुआ राज्य है. झारखंड देश के अन्य राज्यों से बिल्कुल अलग है. अलग झारखंड के लिए न जाने कितने वीर पुरुषों ने अपने प्राणों की आहुति दी है. इस राज्य के लिए कई क्रांतिकारी महिला-पुरुष ने अपना योगदान दिया है. मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड राज्य को अलग हुए लगभग 22 साल हो गए हैं फिर भी यहां के मूलवासी-आदिवासियों की पहचान धुंधला सा बना रहा है. हमारी सरकार ने राज्य में आदिवासी महोत्सव के उपलक्ष में भव्य आयोजन करने का कार्य किया है. आदिवासियों की संस्कृति को बचाने का पूरा प्रयास हमने किया है.

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार ने राज्य में 1932 खतियान आधारित नियोजन नीति, सरना धर्म कोड विधानसभा से पारित कर आगे बढ़ाने का काम किया है. कानूनी अड़चनों की वजह से ये मामले कभी महामहिम राज्यपाल तो कभी केंद्र सरकार के यहां जाकर फंस जाती हैं. मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा प्रयास है कि राज्यवासियों की मूल भावना को ताकत मिले और हम इसी अनुरूप कार्य करने पर अड़े हैं. मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि झारखंड को हर चीज में संघर्ष करना पड़ा है. पिछले 20 वर्षों में आखिर राज्य में 1932 आधारित नियोजन नीति और सरना धर्म कोड क्यों नहीं पारित हो सका? ओबीसी, एसटी, एससी के आरक्षण में वृद्धि क्यों नहीं हो सकी? पूर्ववर्ती सरकारों ने इन महत्वपूर्ण मुद्दों पर विचार क्यों नहीं किया. हमारी सरकार ने इन मुद्दों को गंभीरता से लिया और आगे भी अपनी बात रखेंगे.
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मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में बच्चों की पढ़ाई की जिम्मेदारी सरकार की है. प्रतियोगिता परीक्षा से लेकर उच्च स्तरीय शिक्षा ग्रहण करने हेतु कई योजनाओं को चलाकर प्रोत्साहन राशि भी उपलब्ध कराया जा रहा है. कोचिंग के लिए भी आर्थिक सहयोग बच्चों को हमारी सरकार दे रही है. आदिम जनजाति के बच्चे भी आगे चलकर बड़े पदाधिकारी बन सके इस निमित्त उन्हें प्रोत्साहित किया जा रहा है. इन वर्गों के बच्चों को नि:शुल्क छात्रावास एवं कोचिंग की व्यवस्था की गई है. मुख्यमंत्री ने कहा कि हर क्षेत्र में हमारी सरकार पूरी तत्परता के साथ कार्य कर रही है, आगे भी जनकल्याण के कार्य होते रहेंगे.

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