पहले चरण में 2023 तक झारखंड के 200 गांवों में सोलर सिस्टम से मिलेगी बिजली
झारखंड राज्य सौर नीति 2022 के तहत 1000 गांवों को सोलर पावर से रोशन करने का लक्ष्य तय किया गया है। इसके लिए प्रथम चरण में 2023 तक झारखंड के 200 गांवों को सोलराइज किया जाएगा।
झारखंड राज्य सौर नीति 2022 के तहत 1000 गांवों को सोलर पावर से रोशन करने का लक्ष्य तय किया गया है। इसके लिए प्रथम चरण में 2023 तक झारखंड के 200 गांवों को सोलराइज किया जाएगा। इन गांवों में सोलर सिस्टम से उपभोक्ता को बिजली मिलेगी।

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने झारखंड के प्रत्येक जिले में चयन मानदंडों के आधार पर सौर गांवों में तब्दील किए जाने वाले गांवों की प्राथमिकता सूची बनाने, चिह्नित गांवों की सूची उपायुक्तों के साथ साझा करने, गांवों में आजीविका को लेकर सौर ऊर्जा के नए प्रयोगों को लागू करने की संभावनाओं या क्षमता का आकलन करने का निर्देश दिया है।
साथ ही इसके लिए सामुदायिक सौर प्रतिष्ठानों की स्थापना हेतु उपयुक्त सरकारी या निजी भूमि वाले गांवों में भूमि बैंकों की पहचान करने और नक्शा बनाने का भी निर्देश दिया है। इस क्रम में किसानों की जरूरत को ध्यान में रखते हुए सौर ऊर्जा से लघु सिंचाई की व्यवस्था पर विशेष ध्यान देने को कहा है।
ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगी मजबूती, रोजगार भी बढ़ेगा
गांवों को सोलराइज़ किये जाने से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। गांव के आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलने के अलावा बिजली आपूर्ति की विश्वसनीयता और गुणवत्ता में भी सुधार होगा। ग्रामीणों की आय बढ़ाना, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूती देना और ग्रामीण अर्थव्यवस्था में रोजगार के अवसर बढ़ाना इसका मुख्य उद्देश्य है।
रोजगार सृजन पर विशेष ध्यान
सोलर नीति के तहत अधिक बिजली खपत वाले गांवों को प्राथमिकता दी जाएगी। सरकार ने मध्यम आकार के गांवों या अधिक छोटे समूहों की पहचान करने का निर्देश दिया है। साथ ही, गांव में कृषि उद्योग के अतिरिक्त नौकरी के अवसर सृजित करने पर अधिक जोर दिया जाएगा।
गिरिडीह बनेगा राज्य का पहला सोलर सिटी
गिरिडीह को सोलर सिटी के रूप में विकसित किया जा रहा है। यहां घरेलू उपभोक्ता के लिए कुल 17 मेगावाट एवं वाणिज्यिक सेक्टर के लिए 5 मेगावाट का रूफटॉप पॉवर प्लांट, एक मेगावाट सोलर स्ट्रीट लाइट एवं ग्राउंड माउंटेड सोलर पॉवर प्लांट के लिए 18 मेगावाट का लक्ष्य रखा गया है। प्रथम चरण में घरेलू उपभोक्ताओं के लिए 5 मेगावाट का लगाया जा रहा है।
कम्युनिटी बेस्ड सौर प्लांट से गांवों को मिलेगी बिजली
सरकार ग्रामीण क्षेत्रों को सशक्त करना चाहती है। सभी अड़चनों को समाप्त किया जाएगा। जिससे स्वास्थ्य केंद्रों, स्कूलों, पुलिस स्टेशनों जैसे संस्थागत केंद्रों को सौर ऊर्जा से बिजली उपलब्ध कराई जा सके। साथ ही ग्रामीणों द्वारा दुकानों एवं कृषि कार्य में सौर ऊर्जा का उपयोग हो सके।
मुख्य सचिव ने भी की ज्रेडा कमेटी के साथ बैठक
मुख्य सचिव की अध्यक्षता में ज्रेडा के लिए बनी कमेटी की मंगलवार को बैठक हुई। इसमें ऊर्जा सचिव, ग्रामीण विकास सचिव, भू-राजस्व सचिव सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे। इस बैठक में भी सोलर सिस्टम के अधिकाधिक उपयोग और ज्रेडा की नीतियों को प्रभावी ढंग से लागू करने पर विमर्श किया गया।












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