BJP राष्ट्रीय अध्यक्ष के घर आने के बाद बदल गई जबलपुर के आशीष की पहचान
जबलपुर, 04 जून: महज पांच साल पहले ही जिस पार्टी से जुड़ा उस विश्व की सबसे बड़े दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष, प्रदेश के मुख्यमंत्री , केंद्रीय मंत्री, प्रदेश अध्यक्ष एक साथ घर आए ऐसा कभी सोचा नहीं था। ये किसी सपने जैसा है। ये कहना है अनुसूचित जाति वर्ग के कार्यकर्ता आशीष अहिरवार का। जिस ढंग से राष्ट्रीय नेताओं ने आशीष के घर में परिवार के साथ घुले-मिले वह हर के दिल को छूने वाला है। आशीष ने कहा कि राष्ट्रीय अध्यक्ष 10 मिनट की जगह 30 मिनट रुके। न सिर्फ रुके बल्कि घरवालों से खूब बातें कीं।

महाराज ज्योतिरादित्य सिंधिया तो एक बड़े भाई की तरह पलभर में दिल में उतर गए। वो सीधे रसोई तक पहुंचे और मां से मिले। बेटे को दुलार किया। आशीष कहते हैं कि 24 घंटे के अंदर ही तीन बार मुख्यमंत्री और प्रदेश अध्यक्ष से अलग-अलग जगह मिला वो मुझे दूर से देखकर ही सीधे नाम लेकर पुकारते हैं, ये मेरे जैसे छोटे कार्यकर्ता के लिए बेहद गौरांवित करने वाला है।
आशीष अहिरवार ने कहा, दलित समाज के लोग यह जानकार खुश हैं। समाज में हर कोई पार्टी नेतृत्व की आत्मीयता देखकर बेहद उत्साहित है। ज्योतिरादित्य सिंधिया हैं तो महाराज लेकिन मेरे घर में वो एक बड़े भाई की तरह दिखे। मां रसाेई में थी बैठक से सीधे सिंधिया रसोई पहुंचे और मां गणेशी बाई के व्यंजन की तारीफ की। मां को लेकर सबसे मिलवाया। कहा कि इन्हीं के हाथ से बने बड़े हर कोई स्वाद लेकर खा रहे हैं।
सिंधिया ने 8 माह के बेटे दिव्यांश को चूमा और दुलार किया। मैं मेजबान था, लेकिन सभी अतिथियों ने ऐसा अपनापना जाहिर किया कि खुद ही प्लेट एक दूसरे को आगे कर पकवान देते रहें। आशीष ने कहा कि उसका घर 900 वर्गफीट में बना है बैठक की ढंग से जगह भी नहीं है ऐसे जगह इतने बड़े नेता आएंगे ये जानकार हैरान हुआ। फिर उनके स्वागत की तैयारी में जुट गया।












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