हेमंत सोरेन बोले- झारखंड अब भगवान भरोसे नहीं, अपने भरोसे खड़ा होगा
रांची,16 नवंबर- मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मंगलवार को मोरहाबादी में आयोजित झारखंड स्थापना दिवस के मुख्य कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि झारखंड अब भगवान भरोसे नहीं बल्कि अपने भरोसे खड़ा होगा। अपने बूते झारखंड को सशक्
रांची,16 नवंबर- मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मंगलवार को मोरहाबादी में आयोजित झारखंड स्थापना दिवस के मुख्य कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि झारखंड अब भगवान भरोसे नहीं बल्कि अपने भरोसे खड़ा होगा। अपने बूते झारखंड को सशक्त और मजबूत बनाएंगे। कहा कि 20 वर्षों में किसी भी सरकार ने जनता की सुध नहीं ली। आज 15 नवंबर का दिन सिर्फ स्थापना दिवस के लिए नहीं बल्कि धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा की जयंती दिवस के रूप में भी मनाया जा रहा है। हमारे पूर्वजों ने सदियों से झारखंड वासियों के हक, अधिकार और मांग को लेकर संघर्ष किया। हमारे पूर्वजों ने यहां के लोगों के अस्तित्व और सम्मान के लिए अनेकों लड़ाइयां लड़ीं। न कभी रुके न कभी थके। आज हम सभी के बीच दिशोम गुरु शिबू सोरेन भी मौजूद हैं जिनके संघर्षों की बदौलत अलग राज्य का गठन हो सका है।

22 वर्षों तक समस्याएं यथावत रहीं, अब समाधान कर रही सरकार
मुख्यमंत्री ने कहा कि 22 वर्ष में कई सरकारें बनी लेकिन इस राज्य के आदिवासी, दलित, पिछड़ों की समस्याएं यथावत रहीं। सभी राज्यवासियों के आशीर्वाद और सहयोग से दिसंबर 2019 में राज्य में आपकी अपनी सरकार बनी। इतनी मजबूत सरकार विगत 20 वर्ष में कभी देखने को नहीं मिली। इसके पूर्व सरकारें बनीं और चलीं लेकिन समस्या का समाधान नहीं के बराबर हुआ। मुख्यमंत्री ने कहा कि हम लोगों ने सरकार बनाया, इस आशा और उम्मीद के साथ कि पांच साल में इस राज्य की छोटी-बड़ी सभी समस्याओं का समाधान करेंगे, लेकिन सरकार बनते ही कोरोना जैसे वैश्विक महामारी से हम लोग घिर गए। दो वर्ष का समय जाया हुआ।
अपनी ताकत और अपने भरोसे राज्य को खड़ा करेंगे
मुख्यमंत्री ने कहा कि आपको आश्वस्त करता हूं जिस तरह 20 वर्ष इस राज्य को भगवान भरोसे छोड़ दिया वह अब नहीं होगा। आपका आशीर्वाद रहा तो आने वाले समय में यह राज्य भगवान के भरोसे नहीं बल्कि अपने भरोसे पर खड़ा होगा और अपनी ताकत पर खड़ा होगा। हमारी सरकार ने गरीबी और अशिक्षा को दूर करने का संकल्प लिया है। अगले पांच वर्षो में हर खेत में पानी पहुंचाने का कार्य सरकार करेगी।
किसानों को सूखा राहत मद में तत्काल नकद रुपये
मुख्यमंत्री ने कहा कि अब राज्य में एक और आपदा के रूप में सुखाड़ की समस्या आ खड़ी हुई है। राज्य सरकार ने 226 प्रखंडों को चिह्नित कर सूखाग्रस्त घोषित करने का काम किया है। इस बार हमारी सरकार ने समय से पहले किसान भाइयों को खाद और बीज उपलब्ध कराने का काम किया लेकिन बारिश ने साथ नहीं दिया। स्थिति यह हुई कि आप राज्य सुखाड़ की चपेट में है। राज्य के सूखाग्रस्त 226 प्रखंडों में लगभग 31 लाख किसान परिवारों को सूखा राहत हेतु 3500 रुपए की राशि तत्काल उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है।
गरीबी कुंडली मारकर बैठी, हम धक्के मारकर भगा देंगे
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में जो गरीबी और पिछड़ापन है, वह किसी अभिशाप से कम नहीं है। राज्य में कुंडली मारकर बैठी गरीबी को हम धक्का मारकर भगा देंगे। आज हमारी सरकार आपके दरवाजे पर जाकर लोगों को ऋण मुहैया करा रही है। रोजगार सृजन के लिए राज्य सरकार आपको अनुदान भी दे रही है। सरकार ने ऐसी कार्य योजना बनाई ताकि झारखंड की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल सके। सरकार जड़ को मजबूत करने में लगी है। जड़ मजबूत होगा तभी पेड़ भी मजबूती से खड़ा रहेगा।
गांव-गांव पहुंचकर समस्याओं का कर रहे समाधान
मुख्यमंत्री ने कहा कि आप की योजना-आपकी सरकार-आपके द्वार के तहत पंचायत-पंचायत, गांव-गांव में शिविर का आयोजन किया गया। इस दौरान 54 लाख आवेदन सरकार को प्राप्त हुए और इनमें से 35 लाख आवेदन का निष्पादन शिविरों में ही कर दिया है। 20 वर्षों में ऐसे शिविर नहीं लगे थे। राज्य सरकार ने आमजनों के साथ-साथ सरकारी कर्मचारियों, पुलिसकर्मियों, पारा शिक्षकों, आंगनबाड़ी कर्मियों सहित कई वर्गों के समस्याओं का निदान करने का काम किया है। राज्य में नियुक्ति की प्रक्रिया लगातार चल रही है। जेपीएससी के माध्यम से भी नियुक्तियां हुई हैं। जेपीएससी के माध्यम से नियुक्त युवाओं में 32 बच्चे ऐसे हैं जो बीपीएल परिवार से थे।
बच्चियों को दे रहे अधिकार और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा
मुख्यमंत्री ने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को लेकर राज्य सरकार काफी गंभीर है। हमने विशेषकर बच्चियों के लिए सावित्रीबाई फुले किशोरी समृद्धि योजना शुरू की है। हमारी सरकार ने इस योजना से राज्य की 9 लाख बच्चियों को जोड़ने का लक्ष्य रखा है। इस योजना के तहत बच्चियों को लाभ दिया जा रहा है और 18 वर्ष पूर्ण होने पर उन्हें एक मुश्त 40 हजार रुपए की सहायता राशि दी जाएगी। बच्चियों से अपील करते हुए उन्होंने कहा कि आप जो भी बनना चाहती हैं उसके लिए खूब पढ़ाई करिए, सरकार सहयोग देगी। जो बच्चियां इंजीनियर, डाक्टर, वकील आदि बनना चाहती हैं उनकी पढ़ाई का सारा खर्च राज्य सरकार वाहन करेगी। देश भर में झारखंड पहला ऐसा राज्य है जहां राज्य सरकार अपने खर्चे पर बच्चों को विदेश में पढ़ने के लिए भी भेज रही है।
झारखंड के लिए ऐतिहासिक है 11 नवंबर की तिथि
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे राज्य के लिए 11 नवंबर का दिन बहुत ही ऐतिहासिक दिन रहा है। 11 नवंबर के दिन ही सीएनटी कानून बना था। 11 नवंबर के दिन ही हमारी सरकार ने सरना धर्म कोड विधेयक को विधानसभा से पारित किया था और 11 नवंबर के दिन ही हमारी सरकार ने 1932 खतियान आधारित स्थानीयता और नियुक्ति तथा सेवाओं में आरक्षण वृद्धि का विधेयक पारित करने का काम किया है।












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