दीपावली पर झारखंड को हेमंत सरकार का बड़ा तोहफा, 24.29 करोड़ मंजूर
रांची,16 अक्टूबर- दिवाली के बाद झारखंड के सभी जिलों में फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी वैन Forensic Science Laboratory Van तैनात करने की प्रक्रिया अब अंतिम चरण में है। करीब ढाई करेाड़ की लागत से 25 फोरेंसिक लैब वैन की खरीदारी
रांची,16 अक्टूबर- दिवाली के बाद झारखंड के सभी जिलों में फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी वैन Forensic Science Laboratory Van तैनात करने की प्रक्रिया अब अंतिम चरण में है। करीब ढाई करेाड़ की लागत से 25 फोरेंसिक लैब वैन की खरीदारी की जा रही है। ये वैन साढ़े चार करोड़ के उपकरण से लैस होंगे। फोरेंसिक लैब वैन और राज्य विधि विज्ञान प्रयोगशाला (एसएफएसएल) के अपग्रेडेशन पर झारखंड की हेमंत सोरेन सरकार ने 24.29 करोड़ स्वीकृत कर दिया है। इस संबंध में गृह कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग ने महालेखाकार को जानकारी भेजी है। बताया गया है कि जल्द ही राज्य विधि विज्ञान प्रयोगशाला के लंबित अपग्रेडेशन कार्य पूरे कर लिए जाएंगे।

फोरेंसिक नमूनों की जांच में आएगी तेजी
राज्य विधि विज्ञान प्रयोगशाला के अपग्रेडेशन के बाद घटनास्थल से फोरेंसिक नमूने एकत्रित करने से लेकर प्रारंभिक व कुछ सामान्य जांच तक के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। यह तब संभव होने जा रहा है, जब हाई कोर्ट ने गत वर्ष धनबाद के जज उत्तम आनंद की हत्या मामले में सुनवाई के दौरान राज्य विधि विज्ञान प्रयोगशाला के विरुद्ध कड़ी टिप्पणी की थी। गृह विभाग ने कोर्ट को आश्वस्त किया था कि प्रत्येक जिले में एक जिला फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (डीएफएसएल) व एक फोरेंसिक लैब वैन तैनात होगा।
एसएफएसएल ने जो दिया था प्रस्ताव
एसएफएसएल ने जो प्रस्ताव दिया है, उसके अनुसार सभी 24 जिलों में एक-एक जिला फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (डीएफएसएल) बनेंगे। जो 25 फोरेंसिक लैब वैन होंगी वे बोलेरो की बीएस-6 गाड़ियों में बनेंगी। इन गाड़ियों में बैलिस्टिक किट, ब्लड सैंपल किट, फोटोग्राफी किट सहित अन्य जरूरी के सामान रहेंगे, जिसकी घटनास्थल पर जरूरत होती है। इसके लिए बोलेरो की पीछे की दो सीट निकालकर उसे विकसित किया जाएगा। ये वैन घटनास्थल से नमूने एकत्रित कर अपने जिला फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (डीएफएसएल) में जाएंगी। यहां जांच संबंधित प्रक्रिया शुरू होगी और जरूरत पड़ने पर डीएफएसएल उस नमूने को राज्य विधि विज्ञान प्रयोगशाला में भेजेगा।
किस मद में कितने होंगे खर्च
25 फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी वाहन की खरीद पर कुल खर्च : 2 करोड़, 71 लाख, 58 हजार 275 रुपये।
सभी 25 फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी वाहन के लिए किट, टूल्स, रसायन व अन्य उपयोगी उपकरणों पर कुल खर्च : 4 करोड़, 42 लाख, 05 हजार, 300 रुपये।
राज्य विधि विज्ञान प्रयोगशाला में रसायन विंग (टाक्सिकोलोजी, नारकोटिक्स, एक्सप्लोसिव व सामान्य रसायन प्रशाखा) के अपग्रेडेशन के लिए हर तरह के उपकरण व इलेक्ट्रानिक आइटम के अलावा किट्स आदि पर कुल खर्च : 10 करोड़, 56 लाख, 21 हजार, 108 रुपये।
भौतिक विज्ञान विंग (फिजिक्स, दस्तावेज, साइबर फोरेंसिक, लाई डिटेक्शन व फोटोग्राफी सेक्शन) के अपग्रेडेशन के लिए उपकरणों की खरीद पर कुल खर्च : चार करोड़, 38 लाख, 75 हजार, 584 रुपये।
भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान, जीव विज्ञान विभाग के अपग्रेडेशन व स्थापना के लिए फर्निचर पर कुल खर्च : दो करोड़, दो लाख, 63 हजार, 800 रुपये।
नए बहाल सहायक निदेशक व वैज्ञानिक सहायक के लिए फर्निचर पर कुल खर्च : 17 लाख, 86 हजार, 428 रुपये।











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