हरियाणा में पंचायत चुनाव का रास्ता साफ, हाई कोर्ट सरकार के फैसले पर नहीं लगाई रोक
चंडीगढ़। हरियाणा में पंचाय़त चुनाव का रास्ता साफ हो गया है। हाईकोर्ट द्वारा आरक्षण को लेकर हरियाणा सरकार के फैसले पर कोई रोक नहीं लगाई गई है, जिसके बाद अब जल्द पंचायत चुनाव होगें। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने पिछड़ा वर्ग (ए) को दिए गए आरक्षण संबंधी हरियाणा सरकार के फैसले पर कोई रोक नहीं लगाई है, लेकिन इस संबंध में राज्य सरकार से जवाब मांगा है।

प्रदेश सरकार को 14 दिसंबर को जवाब दाखिल करने के लिए कहा गया है। यह काफी देरी वाला समय है। ऐसे में राज्य सरकार यह जवाब दाखिल करने से पहले ही पंचायत चुनाव की प्रक्रिया पूरी कर लेगी। वैसे तो सितंबर माह के अंत तक पंचायत चुनाव कराए जाने थे, लेकिन पिछड़ा वर्ग (ए) को दिए गए आरक्षण की प्रक्रिया और वार्डबंदी के काम में देरी की वजह से दशहरे के बाद ही यानी पांच अक्टूबर के बाद पंचायत चुनाव हो पाएंगे।
हरियाणा सरकार के पंचायत चुनाव में पिछड़ा वर्ग (ए) को दिए गए आरक्षण के फैसले को पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट में चुनौती दी जा चुकी है। हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस रविशंकर झा व जस्टिस अरुण पल्ली पर आधारित बेंच ने बृहस्पतिवार को इस केस में सुनवाई करते हुए हरियाणा सरकार को जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है।
सुनवाई के दौरान कोर्ट ने सवाल किया कि पंचायत चुनाव में आरक्षण की एक याचिका हाई कोर्ट में पहले ही विचाराधीन है तो यह नई याचिका क्या है? इस पर याची के वकील ने कोर्ट को बताया कि इस याचिका में पंचायत चुनाव में पिछड़ा वर्ग (ए) के लिए हरियाणा पंचायती राज (संशोधन) अध्यादेश 2022 लागू किया गया जो भेदभावपूर्ण और असंवैधानिक है।












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