हरियाणा: मिसिसॉगा के लिविंग आर्ट सेंटर में संतों और समाजसेवियों ने भगवत गीता पर रखे अपने विचार

चंडीगढ़, 19 सितंबर: तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव के तहत कनाडा के मिसिसॉगा में लिविंग आर्ट सेंटर में गीता पर सेमिनार और सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन हुआ। लिविंग आर्ट सेंटर हैमर्सन हॉल मिसिसॉगा शहर द्वारा कला और संस्कृति के लिए समर्पित प्रतिष्ठित सभागार है। इस अवसर पर ब्रैम्पटन के मेयर पैट्रिक ब्राउन ने स्वामी ज्ञानानंद जी के साथ मिलकर ब्रैम्पटन में नए स्वीकृत गीता पार्क में कृष्ण-अर्जुन के रथ की प्रतिकृति स्थापित करने की घोषणा की।

Haryana News: Seminar on Gita organized at Living Art Center in Mississauga

कार्यक्रम में ब्रैम्पटन के मेयर पैट्रिक ब्राउन, मिसिसॉगा की मेयर बोनी क्रॉम्बे, एमपीपी मिसिसॉगा दीपक आनंद, एमपीपी ब्रैम्पटन ग्राहम मैक ग्रेगोर, एमपीपी नीना तांगरी, ओंटारियो के महिला सामाजिक और आर्थिक अवसर के सहयोगी मंत्री मंत्री चार्माइन विलम्स, स्कारबोरो के सांसद शॉन चेन, हरियाणा सार्वजनिक उपक्रम ब्यूरो के चेयरमैन सुभाष बराला और मुख्यमंत्री के अतिरिक्त प्रधान सचिव डॉ. अमित कुमार अग्रवाल, टोरंटो में भारत की महावाणिज्य दूत अपूर्वा श्रीवास्तव, केडीबी के सचिव मदन मोहन छाबड़ा, केबीडी के सीईओ चंद्रकांत कटारिया, केडीबी सदस्य उपेंद्र सिंघल, शिक्षाविद मार्कंडेय आहुजा सहित कई गणमान्य भी शामिल हुए।

इस कार्यक्रम में हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल, योग गुरु बाबा रामदेव और स्वामी गुरुशरणंद का वीडियो संदेश भी चलाया गया। मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा से वर्ष 2016 से गीता महोत्सव को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मना रहे हैं। अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव धार्मिक, सांस्कृतिक, कला एवं संस्कृति का बेजोड़ उदाहरण है। उन्होंने कहा कि कनाडा की धरती पर अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव का आयोजन हरियाणावासियों के लिए गर्व की बात है। कनाडा के लोगों की गीता के प्रति आस्था और उत्साह का शब्दों में वर्णन नहीं किया जा सकता है।

गीता एक ऐसा अलौकिक प्रकाश पुंज है, जो काल, देश और सीमाओं से परे है। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि हरियाणा की धरती पर ही 5,159 वर्ष पहले गीता के माध्यम से भगवान श्री कृष्ण ने कर्मयोग का संदेश दिया। यह ज्ञान भगवान श्री कृष्ण ने भले ही भारत भूमि पर दिया है, लेकिन यह पूरे संसार के लिए है। इस अवसर पर स्वामी ज्ञानानंद ने कहा कि वर्तमान समय में भगवत गीता की प्रासंगिकता और भी ज़्यादा बढ़ गई है। हर व्यक्ति को गीता को अपने जीवन में आत्मसात करना चाहिए।

उन्होंने कहा कि गीता का संदेश हर काल के लिए प्रासंगिक है और यह हज़ारों साल से मानव को प्रेरणा देता रहा है। उन्होंने कहा कि हमें गीता का संदेश दुनिया के हर कोने तक पहुंचाना है। इसी उद्देश्य से यह कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। हरियाणा के कैबिनेट मंत्री कमल गुप्ता ने कहा कि इस आयोजन के जरिये गीता के सार को पूरी दुनिया में फैलाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि गीता में भगवान श्री कृष्ण ने हर व्यक्ति को अपना कर्म करने के बारे में बताया था। हर क्षेत्र के व्यक्ति को अपने क्षेत्र में सेवा भाव रखना चाहिए।

उन्होंने कहा कि भगवद गीता दुनिया के सभी नकारात्मक विचारों को सकारात्मक करने का एक पवित्र ग्रंथ है। इस ग्रंथ को अपनाने के बाद मनुष्य अपने अंदर आत्मविश्वास, श्रद्धा और भाईचारे की ओर बढ़ता है। इस दौरान कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जगद्गुरु रामानुजाचार्य जी, गीता मनीषी ज्ञानानंद जी, रामधारी सिंह गुरु जी, आर्य समाज गुरु संपूर्णानंद जी, कनाडा के मंत्री और सांसदों ने गीता की भूमिका पर अपने विचार रखे। सभी ने वैश्विक शांति, सौहार्द भाईचारा एवं एकता को बढ़ाने पर बल दिया। लंदन में अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव के आयोजकों द्वारा कार्यक्रम में अपना अनुभव साझा किया गया। शाम के समय सभी प्रतिनिधि ट्रॉयर पार्क गए, जिसे हाल ही में ब्रैम्पटन की सिटी काउंसिल ने नाम बदलकर गीता पार्क कर दिया गया है।

कार्यक्रम में गीता पर कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड द्वारा प्रदर्शनी लगाई गई। इसमें 48 कोस कुरुक्षेत्र, कुरुक्षेत्र की पहचान और दुनिया भर के विद्वानों द्वारा गीता पर रखे गए विचार प्रदर्शित किए गए। जीयो गीता और इस्कॉन द्वारा पुस्तक और स्मारिका स्टालों को संचालित किया गया।

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