हरियाणा सरकार ने किसान आंदोलन के दौरान दर्ज मुकदमे वापस लिए- अनिल विज
हरियाणा के गृह, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री अनिल विज ने किसान आंदोलन के संबंध में कहा कि राज्य सरकार ने किसान आंदोलन के समय में दर्ज हुए मामले वापिस ले लिए हैं लेकिन कुछ मामले कोर्ट में विचाराधीन हैं परंतु फिर भी अगर कोई मामला है तो उसकी जांच करवाई जाएगी और स्थिति बता दी जाएगी। विज गुरनाम सिंह चढुनी द्वारा आंदोलन के करने संबंध में पूछे गए सवाल का जवाब दे रहे थे।

सरकार द्वारा नाम बदलने के संबंध में पूछे गए सवाल के जवाब में विज ने कहा कि "हम काम करते हैं, काम किया है।" उन्होंने आगे कहा "काम करते हुए अब तुमने सारे देष का नाम इंदिरा और नेहरू पर रख दिया, अब लोग उनको पसंद नहीं करते हैं। प्रजातंत्र में लोगों की पंसद चलती है, इसलिए लोगों की पसंद के मुताबिक नाम बदलने पडते हैं।" उन्होंने कहा कि वे पहले नाम गिनकर बता दें कि कितने नाम हमने बदले है, वैसे ही ब्यानवाजी कर रहे हैं। गुजरात में सोलंकी की टिकट काटने के संबंध में पूछे गए प्रश्न के उत्तर में विज ने कहा कि "गुजरात हो, या देश का कोई भी कोना हो, कांग्रेस धरातल में जा रही है, जब धरातल में जाया जाता है तो आपस में कपडे फाड़े ही जाते हैं।"
पंच और सरपंचों के विज से मिलने के संबंध में पूछे गए सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि पंच और सरपंचों के जितने के लिए हमारी सरकार को श्रेय जाता है, और इसी कारण से लगातार ये जीतने वाले पंच और सरपंच उनके पास मिलने आ रहे है और सरकार का आभार प्रकट कर रहे हैं।
वहीं पढी-लिखी पंचायतों के बनने के संबंध में उन्होंने कहा कि "ये एक बहुत बडी उपलब्धि हैं और इस उपलब्धि के लिए मौजूदा भाजपा के अध्यक्ष ओम प्रकाष धनखड को वे श्रेय देते हैं क्योंकि जब वो कृशि मंत्री थे, उन्होंने ही संघर्श करके ये लागू करवाया था कि पढी-लिखी पंचायतें बनें और आने वाले समय में इसका बहुत ही अच्छा फायदा होगा।" उन्होंने कहा कि इन पंचायतों को सरकार पूरा सहयोग करेगी। उल्लेखनीय है कि विज से पंच और सरपंचों का एक दल मिलने आया और उनका अभिनंदन किया और आशीर्वाद लिया।












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