किसी भी संकट में 112 पर करें कॉल और पाएं तुरंत मदद, हरियाणा सरकार ने शुरू की नई पहल
हरियाणा के लोग अब किसी भी अपराध, आगजनी, प्राकृतिक आपदा अथवा दुर्घटना की जानकारी एक ही नंबर 112 पर देकर मदद प्राप्त कर सकते हैं। नागरिकों को तत्काल आपातकालीन सहायता प्रदान करने की अपनी प्रतिबद्धता को दोहराते हुए सरकार ने डायल-112 सुरक्षा प्रणाली शुरू कर रखी है।
यह ऐसी सुरक्षा प्रणाली है, जिसमें अब तक की सभी आपातकालीन सेवाओं को एक ही नंबर से जोड़ दिया गया है। प्रदेश सरकार ने इसे ऑल इन वन सुरक्षा प्रणाली का नाम दिया है। डायल 112 नंबर के साथ राज्य सरकार ने 100, 101 और 108 नंबरों पर दी जाने वाली सेवाएं भी शामिल कर दी हैं।

हरियाणा सरकार ने पुलिस की कार्यप्रणाली में दक्षता व सुधार लाने तथा आपात स्थिति में नागरिकों को त्वरित सहायता पहुंचाने के उद्देश्य से जुलाई 2021 में डायल 112 सेवा आरंभ की थी। इस इमरजेंसी सेवा के प्रति लोग भी निरंतर जागरूक हो रहे हैं, जिसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि अब तक इस प्रणाली पर 86 लाख से भी अधिक काल प्राप्त हुई हैं।
डायल 112 सेवा के संचालन हेतु स्टाफ के अलावा 630 वाहन पूरे प्रदेश में तैनात किए गए हैं, जिनमें ऐसे उपकरण लगाये गये हैं, जिनकी किसी भी इमरजेंसी के समय जरूरत पड़ती है। बता दें कि ये वाहन वायरलेस और जीपीएस युक्त हैं, ताकि घटना की जगह के रास्ते तलाश करने में आसानी रहे। किसी भी आपातकालीन सूचना के प्राप्त होने पर यह वाहन औसतन 8 मिनट तक घटनास्थल पर पहुंचने का दावा करते हैं।
हरियाणा के डीजीपी शत्रुजीत कपूर ने बताया कि डायल 112 का मुख्य उद्देश्य नागरिकों को संकट के समय त्वरित मदद प्रदान करना है। हरियाणा में इस नंबर से प्रदेश की अढ़ाई करोड़ से ज्यादा जनसंख्या 24 घंटे आपातकालीन सेवाएं प्राप्त कर सकती है। कोई भी नागरिक संकट के समय 112 प्रणाली से तुरंत जुड़कर मदद की मांग कर सकता है।
सेवाओं के बारे में ले सकेंगे जानकारी
इस दिशा में मुख्यमंत्री मनोहर लाल के नेतृत्व में हरियाणा पुलिस को स्मार्ट पुलिस बनाने पर फोकस किया गया और डायल 112 आपातकालीन त्वरित सहायता प्रणाली के माध्यम से स्मार्ट पुलिस की दिशा में ठोस पहल की गई है। मुख्यमंत्री अब तक आठ जिलों में जनसंवाद कार्यक्रम कर चुके हैं। वे लोगों से बातचीत के दौरान डायल 112 की सेवाओं के बारे में भी जानकारी प्राप्त करते हैं।
नागरिकों ने मुख्यमंत्री से बातचीत के दौरान डायल 112 के प्रति संतोष जाहिर किया है। एडीजीपी एएस चावला के नेतृत्व में मुख्यमंत्री मनोहर लाल व गृह मंत्री अनिल विज की देखरेख में इस प्रोजेक्ट को सिरे चढ़ाने में सफलता प्राप्त की गई थी। कुछ नागरिकों ने अपना अनुभव साझा करते हुए बताया कि डायल 112 पर मदद मांगने के बाद पुलिस वाहन मात्र 3 मिनट में भी मौके पर पहुंचा है।












Click it and Unblock the Notifications