Ghazipur Encounter: कौन था Kamlesh Bind? शादी के 1 माह बाद पुलिस मुठभेड़ में ढेर, पत्नी बोली- फेक एनकाउंटर
Ghazipur Encounter: गाजीपुर जिले में अपराध और कानून व्यवस्था की कहानी एक बार फिर सुर्खियों में है। 29 मई 2026 की रात होटल कारोबारी विनीत राय की गोली मारकर हत्या के मुख्य आरोपी कमलेश बिंद (कमलेश चौधरी उर्फ बिंद) को 4 जून 2026 की रात पुलिस ने कुर्था क्षेत्र (पवहारी बाबा आश्रम के पास) में मुठभेड़ में मार गिराया।
कमलेश की शादी महज 37 दिन पहले (27 अप्रैल 2026) हुई थी। बिहार के मोहनिया से नई दुल्हन मनीषा को धूमधाम से घर लाया गया था। अब पत्नी रो-रोकर कह रही है कि हाथों की मेहंदी भी नहीं उतरी, सुहाग छीन लिया गया। परिवार फर्जी एनकाउंटर का आरोप लगा रहा है, जबकि पुलिस इसे अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई बता रही है। एनकाउंटर के बाद गांव में भारी बवाल हुआ, पथराव में पुलिसकर्मी घायल हुए। आइए विस्तार से जानते हैं...

Who Was Kamlesh Bind: कमलेश बिंद कौन था? अपराधों का रिकॉर्ड
कमलेश बिंद गाजीपुर के गोड़ा (सोहिलापुर/गोंडा देहाती, गौशाबाद) का रहने वाला था। वह कुख्यात कटरा गैंग का सक्रिय सदस्य माना जाता था, जिसका सरगना शंकर पांडेय है। गैंग लूटपाट, दबंगई, अवैध वसूली, मारपीट और हत्या जैसे अपराधों में शामिल रहा है। गैंग वॉट्सएप ग्रुप के जरिए ऑपरेट होता था। वारदात का प्लान ग्रुप में आता, बदमाश अंजाम देकर फरार हो जाते।

पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, कमलेश पर हत्या, हत्या के प्रयास, अपहरण, मारपीट, धमकी और शस्त्र अधिनियम समेत कुल 7 मुकदमे दर्ज थे। 2017 से अपराध की शुरुआत। 2020 में गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई हुई थी। विनीत राय हत्याकांड (Vineet Rai Murder Case) में 1 लाख रुपये का इनाम घोषित था। शंकर पांडेय (Shankar Pandey) पर भी 1 लाख, बाकी दो पर 50-50 हजार रुपये का इनाम था।
परिवार का दावा है कि कमलेश निर्दोष था और उस पर झूठा आरोप लगाया गया। बड़े भाई संजय कुमार बिंद कहते हैं कि हत्या के समय कमलेश गांव में ही था। फर्जी एफआईआर के डर से वह रामपुर चला गया था।
विनीत राय हत्याकांड (Vineet Rai Murder Case): क्या हुआ 29 मई की रात?

29 मई 2026 की रात गाजीपुर में 4 बदमाशों ने बिंदु होटल के मालिक आलोक राय के बेटे विनीत राय को गोली मारकर हत्या कर दी। विनीत होटल से खाना खाकर बुलेट पर घर जा रहे थे, जब होटल के गेट पर हमला हुआ।
आलोक राय ने शंकर पांडेय, सोनू यादव (जगदीश सिंह यादव), कमलेश बिंद और मोनू त्रिपाठी (आलोक दुबे?) पर नामजद केस दर्ज कराया। आलोक राय का आरोप है कि पिछले 2 साल से गैंग गुंडा टैक्स मांग रहा था कि 20 करोड़ का होटल है, 1 करोड़ दो। होटल में तोड़फोड़ भी हुई थी।
गैंग की अन्य वारदातें (आलोक राय के अनुसार):
- 5 सितंबर 2024: कपड़ा व्यापारी सचिन चौरसिया का अपहरण व जानलेवा हमला।
- 26 नवंबर 2024: फोटोग्राफर विपिन चौरसिया को पीटा।
- 12 दिसंबर 2025: वैभव सिंह पर जानलेवा हमला।
- 9 मई 2026: शुभम चौबे को दिनदहाड़े गोली मारी।
आलोक राय ने पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाया। उन्होंने 2024 में खुद कमलेश को पकड़कर कोतवाल को सौंपा था, लेकिन छोड़ दिया गया। स्थानीय पुलिस और कुछ अधिकारियों पर गैंग को संरक्षण देने का आरोप है।
Ghazipur Encounter Story: एनकाउंटर की कहानी, पुलिस का बयान
गाजीपुर एसपी डॉ. ईरज राजा के अनुसार, हत्या के बाद पुलिस टीमें लगातार छापेमारी कर रही थीं। 4 जून 2026 (बुधवार) रात 9 बजे कमलेश के कुर्था (पवहारी बाबा आश्रम के पास) छिपे होने की सूचना मिली।
पुलिस और SWAT टीम ने इलाका घेरा। एक बिना नंबर प्लेट वाली गाड़ी सवार संदिग्ध दिखा। रोकने पर आरोपी ने 800 मीटर दूर से फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस ने जवाबी फायरिंग की। कमलेश घायल हो गया। अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
- बरामदगी: .32 बोर की अवैध पिस्टल, एक कारतूस, मोटरसाइकिल।
- पुलिस का नुकसान: SWAT टीम इंचार्ज/सब-इंस्पेक्टर रोहित मिश्रा को कंधे पर गोली लगी।
परिवार और पत्नी मनीषा का दर्द, बताया फेक एनकाउंटर

कमलेश की शादी 27 अप्रैल 2026 को बिहार के मोहनिया से हुई थी। मनीषा नर्सिंग की छात्रा है। परिवार ने बड़े धूमधाम से बारात बुलाई थी। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मनीषा ने कहा कि मेरे पति निर्दोष थे। पुलिस उन्हें रामपुर से जबरन उठाकर लाई। 30 मई को मुझे और जेठानी (प्रधान अनीता) को थाने में बिठाकर रखा। मेरी आंखों के सामने पुलिस ने मेरे पति को बुरी तरह पीटा। फिर जंगल ले जाकर एनकाउंटर कर दिया।
रोते हुए मनीषा ने कहा कि एक महीने पहले ही मेरी शादी हुई थी। हाथों की मेहंदी भी अभी नहीं उतरी। मेरा सुहाग छीन लिया। जिस तरह मेरे पति को मारा, वैसे ही उनका एनकाउंटर करने वालों का एनकाउंटर किया जाए।
बड़े भाई संजय कुमार बिंद का आरोप है कि फर्जी एफआईआर से बचने रामपुर गया था। 2 जून को पुलिस ने रामपुर से उठाया। 3 जून को एनकाउंटर। आलोक राय ने होटल में गंदे काम (लड़कियों की तस्करी, बीयर बार मारपीट) के विरोध के कारण फंसाया। 30 मई सुबह पत्नी और बहू को उठाया, प्रताड़ित किया, रात 2:30 बजे सड़क पर छोड़ा। आलोक राय का होटल सीसीटीवी क्यों नहीं? सीडीआर निकालो। कोर्ट जाएंगे, सीएम योगी से मिलेंगे, आलोक राय पर कार्रवाई और होटल पर बुलडोजर की मांग।
आलोक राय परिवार का फैसला
विनीत राय की मां की तबीयत खराब है। आलोक राय कहते हैं कि जब तक सभी हत्यारों का एनकाउंटर नहीं होता और कटरा गैंग का सफाया नहीं होता, हम पूरे परिवार के साथ लखनऊ जाकर सीएम आवास के सामने धरना देंगे। वहीं, तेरहवीं और ब्राह्मण भोज करेंगे। उन्होंने प्रशासन पर भरोसा जताया लेकिन गैंग के बाकी सदस्यों पर सख्त कार्रवाई की मांग की।













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