हरियाणा सरकार ने ढ़ाई साल में किसानों को दिया 1150 करोड़ का मुआवजा: दुष्यंत चौटाला

डिप्टी सीएम चौटाला ने कहा कि, पिछले ढाई साल में 1150.26 करोड़ रुपए किसानों को देने का कार्य किया है जो कि यूपीए सरकार के दस साल में दिए गए कुल मुआवजे के बराबर है।

Haryana government gave compensation of 1150 crores to farmers in two and a half years: Dushyant

पूर्व कांग्रेस सरकार ने अपने दस साल में किसानों को फसल खराबे का जितना मुआवजा दिया, उतना मुआवजा मौजूदा प्रदेश सरकार दो साल में किसानों को दे चुकी है। यह जानकारी हरियाणा के उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने दी। वे विधानसभा के बजट सत्र के अंतिम दिन ध्यानाकर्षण प्रस्ताव का जवाब दे रहे थे।

उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने कहा कि साल 2022 में ओलावृष्टि से फसल के हुए नुकसान की भरपाई के लिए 151.42 करोड़ रुपए तथा 2021 में भारी वर्षा से हुए नुकसान की भरपाई के लिए 614. 63 करोड़ रुपए और 2020 में खरीफ फसल के नुकसान के लिए 269.77 करोड़ रुपए और रबी फसल के लिए 114.44 करोड़ रुपए किसानों को दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि इस प्रकार पिछले ढाई साल में 1150.26 करोड़ रुपए किसानों को देने का कार्य किया है जो कि यूपीए सरकार के दस साल में दिए गए कुल मुआवजे के बराबर है।

हरियाणा के उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने कहा कि हाल ही में ओलावृष्टि और भारी बारिश के कारण हुए नुकसान का अब तक पोर्टल के माध्यम से 2,720 गावों के 34,064 किसानों ने 1,57,557 एकड़ भूमि का खराबा बारे अवगत करवाया है। उन्होंने कहा कि 11 जिलों में वर्तमान में बारिश से रबी की फसलों में नुकसान हुआ है जिसका गिरदावरी करवाकर आंकलन किया जा रहा है।

उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने कहा अब किसानों को चेक नहीं दिए जा रहे है बल्कि केवल बैंक ट्रांसफर की सुविधा ही उपलब्ध करवाई जाती है इसलिए किसानों को अपना खाता अपडेट करवाना होगा। उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने कहा कि जैसे ही ट्रेजरी में किसान अपना खाता अपडेट करवाएंगे तो उनके खाते में पैसा चला जाएगा।

उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने कहा कि वर्ष 2010 से लेकर 2015 तक 1,000 करोड़ रूपए ट्रेजरी में पड़ा हुआ है, किसान क्लेम लेने के लिए नहीं आते। ऐसे में यदि किसान इस पैसे को लेने नहीं आते तो उसे किसानों के उत्थान में ही खर्च कर दिया जाएगा। इसी प्रकार प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत भी 5657.02 करोड़ रुपए खरीफ 2016 से रबी 2021-22 तक का पैसा अलग से किसानों के खाते में भेजा गया है।

एक अन्य जवाब में उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने कहा कि महेंद्रगढ़ में पाले से खराब हुई फसलों 628 हेक्टेयर गेहूं व 1,009 हेक्टेयर सरसों, कनीना में 6,200 हेक्टेयर गेहूं तथा 6,933 हेक्टेयर सरसों, नांगल चौधरी में 537 हेक्टेयर सरसों तथा नारनौल में 115 हेक्टेयर गेहूं के खराबी हुई है। इसके अलावा 18 से 22 मार्च को हुई बरसात के हुए नुकसान की स्पेशल गिरदावरी के आदेश दिए गए हैं, जिसका किसानों को उचित मुआवजा दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि हरियाणा के हर किसान की इंच-इंच भूमि की नुकसान की भरपाई सरकार द्वारा की जाएगी। एक अन्य जवाब में उन्होंने कहा कि पटौदी व फरुखनगर में हुए नुकसान की रिपोर्ट अब तक नहीं आई है।

उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा दो फरवरी 2023 के तहत प्रदेश के सभी उपायुक्तों से अनुरोध किया गया है कि राज्य में शीतलहर, पाला, भारी वर्षा, ओलावृष्टि से रबी फसल 2023 में कोई नुकसान हुआ है तो उसे सामान्य गिरदावरी में कवर करते हुए खराबा रिपोर्ट अपने सम्बन्धित मंडलीय आयुक्त के माध्यम से सरकार को भिजवाएं। उन्होंने कहा कि जिलों से रबी फसल 2023 की खराबा रिपोर्ट अभी आना बाकी है। उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने कहा कि रिपोर्ट प्राप्त होने पर सरकार के आगामी कदम उठाएगी। वहीं जलभराव के कारण रबी फसल 2023 की बिजाई ना हो पाने का मामला अभी सरकार के विचाराधीन है।

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