स्कूल ड्रॉप आउट की दर को कम करने के लिए हरियाणा सरकार ने शुरू किया रीयल-टाइम डेटा पर काम
चंड़ीगढ़। हरियाणा में स्कूस ड्रॉप आउट की दर को कम करने के लिए सरकार ने कमर कस ली है। मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार ने स्कूल ड्रॉप आउट पर अंकुश लगाने के लिए अथक प्रयास किया है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि कोई भी छात्र किसी भी कारण से शिक्षा से वंचित न रहे। उन्होंने कहा कि अब इस प्रतिबद्धता को आगे बढ़ाते हुए शिक्षा विभाग 5 से 18 वर्ष के आयु वर्ग तक के प्रत्येक छात्र की आयु-वार ट्रैकिंग की एक नई प्रणाली लागू करेगा।

इस प्रणाली के तहत, उपरोक्त आयु वर्ग के बच्चे, जो परिवार पहचान पत्र (पीपीपी) डाटा में पंजीकृत हैं, उन्हें शिक्षा विभाग द्वारा ट्रैक किया जाएगा ताकि ऐसे सभी बच्चों के बारे में वास्तविक समय की जानकारी एकत्र की जा सके ताकि ड्रॉप आउट दर को कम किया जा सके।मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार अंत्योदय उत्थायन के विजन के साथ कार्य कर रही है। इसके लिए प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम को भी मुख्यमंत्री अंत्योदय परिवार उत्थान योजना से जोड़ा जाए ताकि पात्र परिवारों को स्वरोजगार के अधिक अवसर मिल सकें।
छात्राओं की सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करने के लिए एक शिक्षक को नोडल अधिकारी बनाया जाए
बैठक के दौरान, सासंदों ने छात्राओं के लिए सुरक्षित परिवहन सुविधा सुनिश्चित करने के लिए एक प्रणाली बनाने की मांग उठाई। इसे स्वीकार करते हुए मुख्यमंत्री ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिये कि स्कूलों में एक शिक्षक को नोडल अधिकारी बनाया जाए, जो सभी रूटों की निगरानी रखेगा, ताकि छात्राओं को किसी भी प्रकार की समस्या का सामना न करना पड़े।
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) की प्रगतिध पर चर्चा करते हुए निर्देश दिए कि जिन लाभार्थियों को पहली किस्त मिल चुकी है, उनकी दूसरी और तीसरी किस्त भी जल्द जारी की जाए, ताकि मकानों के निर्माण में किसी तरह की देरी न हो।












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