हरियाणा: सीएम खट्टर ने किसानों को दी राहत, फसलों की गिरदावरी पर बड़ा फैसला

सीएम मनोहर लाल ने ट्वीट ने कहा कि, पूरे प्रदेश में हुई बेमौसम बरसात, ओलावृष्टि और तेज हवाओं से किसान भाईयों की गेहूं की फसल खराब हुई है। किसानों द्वारा क्षतिपूर्ति पोर्टल पर भी खराब फसल का ब्योरा डाला जा रहा है।

Haryana CM Khattar gave relief to farmers big decision on Girdawari of crops

हरियाणा में बारिश-ओलावृष्टि से खराब हुई फसल की गिरदावरी के संबंध में हरियाणा सरकार ने बड़ा फैसला किया है। गिरदावरी में तेजी लाने के उद्देश्य से सरकार क्षतिपूर्ति सहायक नियुक्त करेगी। ये पटवारी के साथ मिलकर काम करेंगे। सरकार ने बारिश द्वारा खराब हुई फसल के 500 एकड़ को क्षतिपूर्ति ब्लॉक में बांटा है।

सीएम मनोहर लाल ने ट्वीट में लिखा कि 'पूरे प्रदेश में हुई बेमौसम बरसात, ओलावृष्टि और तेज हवाओं से किसान भाईयों की गेहूं की फसल खराब हुई है। किसानों द्वारा क्षतिपूर्ति पोर्टल पर भी खराब फसल का ब्योरा डाला जा रहा है। सरकार ने निर्णय लिया है कि गॉंव स्तर पर ही क्षतिपूर्ति सहायक द्वारा क्षतिपूर्ति आकलन का कार्य पूरा करवाया जाएगा ताकि किसानों को उचित मुआवजा बिना देरी के मिल सके। सरकार हर सुख दुख में किसानों के साथ खड़ी है।'

अब तक हरियाणा में 5,466 गांवों के 1 लाख 82 हजार 485 किसानों ने ई-फसल क्षतिपूर्ति पोर्टल पर आवेदन कर 11 लाख एकड़ से अधिक खराब फसल का मुआवजा मांगा है। अब तक 10.57 लाख एकड़ फसल वैरिफिकेशन का काम ही हो सका है। मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्‌टर की ओर से मई में खराब फसल का मुआवजा देने की बात कही गई है।

ये दी गई जिम्मेदारी
सरकार की ओर से गिरदावरी के लिए हर क्षतिपूर्ति सहायक को ब्लॉक में नियुक्त किया जाएगा। एक क्षतिपूर्ति सहायक पटवारी के साथ मिलकर खराब हुई फसल की फोटो लोकेशन और टाइम स्टांप लगाने का काम करेगा। इसके बाद पटवारी सभी जरूरी दस्तावेज के साथ रिपोर्ट बनाकर जिला प्रशासन को सौंपेगा। सरकार का किसानों को जल्द और सही सहायता पहुंचाना इस योजना का लक्ष्य है।

हरियाणा सरकार की ओर से इस आशय के दिशा निर्देश जारी कर दिए गए हैं। हरियाणा सरकार ने बारिश और ओलावृष्टि से खराब हुई फसलों की स्पेशल गिरदावरी कराने का फैसला किया था। मई महीने तक सरकार की तरफ से किसानों को खराब हुई फसल का मुआवजा देने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने ट्वीट कर ये जानकारी दी है।

22.9 लाख हेक्टेयर में बोया गया गेहूं
हरियाणा इस बार 22.9 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में गेहूं की फसल की बुआई की गई है। हर साल सूबे में 45 से 50 क्विंटल प्रति हेक्टेयर से ऊपर ही गेहूं की पैदावार होती है, लेकिन बारिश के चलते प्रति हेक्टेयर पांच से सात क्विंटल पैदावार घटने की कृषि विशेषज्ञों ने संभावना जताई है। इससे किसानों को काफी आर्थिक नुकसान होने का अनुमान है।

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