हरियाणा के मुख्यमंत्री खट्टर ने बारिश से प्रभावित फसलों का हवाई सर्वेक्षण किया
शनिवार को सूबे के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने प्रभावित इलाकों का जायजा लिया। खट्टर ने किसानों को आश्वासन दिया।

हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से प्रभावित फसलों का शनिवार को हवाई सर्वेक्षण किया। खट्टर ने यह सर्वेक्षण अपने हिसार दौरे के दौरान किया। एक आधिकारिक विज्ञप्ति के मुताबिक खट्टर ने कहा, ''हरियाणा सरकार किसानों के हितों की रक्षा और उनका कल्याण सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। किसानों के हितों की रक्षा के लिए हरसंभव प्रयास किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने सभी उपायुक्तों को 15 अप्रैल तक यह विशेष गिरदावरी के कार्य को पूरा करने के निर्देश हैं, ताकि किसानों को मई माह तक मुआवजा वितरित किया जा सके। किसान नेता ने सरकार, आढ़तियों और ठेके पर जमीन देने वाले किसानों से प्राकृतिक आपदा की मार झेलने वाले किसानों की तरफ मदद का हाथ बढ़ाने की अपील की। कई गावों में एसडीएम राजेंद्र कुमार जांगड़ा सिरसा और सिरसा तहसीलदार विनती ने भी क्षेत्र में दौरा कर खराब हुई फसलों का जायजा लिया।
कर्ज में डूबे किसान पर कुदरत की मार
औलख ने कहा कि पिछले तीन सालों से किसान सरकार और कुदरत की मार झेल कर पहले से ही कर्ज में डूब चुका है और अबकी बार फिर से प्राकृतिक आपदा की मार से किसान बहुत ही मुश्किल घड़ी से गुजर रहा है। जिसे राहत देने के लिए ठेके पर जमीन देने वाले जमींदार को भी जितना संभव हो सके किश्त में छूट और आढ़तियों से कम से कम छमाही का ब्याज माफ करने की अपील की।
औलख ने किसानों से कहा कि शनिवार व रविवार को कृषि अधिकारी हर ब्लाक में बैठकर फसल खराबे के दस्तावेज जमा करेंगे। इसलिए किसान सिरसा कृषि विभाग के चक्कर काटने की बजाय अपने ब्लाक में जाकर फार्म जमा करवाएं। जिन किसानों ने फसल बीमा नहीं करवाया है उन फसलों की भी क्राप कटिंग करवाने में टीम बीकेई किसानों की मदद करेगी।
सरकार गिरदावरी करवाकर तुरंत जारी करे मुआवजा
सरपंच एसोसिएशन के जिला प्रधान जसकरण सिंह कंग ने सरकार से ओलावृष्टि व बेमौसमी वर्षा से नष्ट हुई फसलों की गिरदावरी करवाकर किसानों को आर्थिक सहायता मुहैया करवाने की मांग की है। उन्होंने बताया कि वर्षा व ओलावृष्टि से जिले के ब्लाक रानियां, ऐलनाबाद, बड़ागुढ़ा, ओढां, डबवाली में किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ा है। बरसात, आंधी व ओलावृष्टि के कारण गेहूं की फसल खेतों में बिछ गई हैं। खेतों में सुखाने के लिए रखी गई फसल भी जलमग्न हो गई हैं।
किसानों के सामने संकट अपार
कंग ने बताया कि कई स्थानों पर तो फसलें 100 प्रतिशत ही नष्ट हो गई है, जिससे किसानों के समक्ष परिवार के पालन-पोषण का भी संकट खड़ा हो गया है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में तो आम जनमानस का खेती पर सबकुछ आश्रित होता है, जो पूरी तरह से बर्बाद हो गई है। उन्होंने कहा कि सरकार को चाहिए कि अविलंब अधिकारियों को आदेश देकर निष्पक्ष तरीके से फसलों की गिरदावरी करवाकर तुरंत प्रभाव से मुआवजा राशि जारी की जाए, ताकि किसानों को कुछ राहत मिल सके।












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