लघु उद्योगों को बढ़ाने के लिए गहलोत सरकार ने उठाए अहम कदम

जयपुर, 25 सितंबर। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन राजस्थान आयुर्वेद विश्वविद्यालय, जोधपुर के विभिन्न श्रेणियों के छात्रों के स्टाइपेण्ड और इंटर्न अलाउन्स में वृद्धि के प्रस्ताव को मंजूरी दी है. साथ ही, उन्होंने संघटक यूनानी कॉलेज, टोंक के बीयूएमएस यूजी छात्रों को इंटर्न अलाउन्स दिए जाने की सहमति दी है. गहलोत की इस मंजूरी से आयुर्वेद के पीजी (एमडी/एमएस) और यूजी (बीएएमएस) छात्रों को एलोपैथी के पीजी व यूजी छात्रों के समान ही स्टाइपेण्ड और इंटर्न अलाउंस मिलेगा।

लघु उद्योगों को बढ़ाने के लिए गहलोत सरकार ने उठाए अहम कदम

प्रस्ताव के में आयुर्वेद विश्वविद्यालय जोधपुर के पीजी (एमडी/एमएस) छात्रों को प्रथम वर्ष में 19 हजार रूपए प्रतिमाह के स्थान पर अब 55 हजार 200 रूपए प्रतिमाह, द्वितीय वर्ष में 20 हजार रूपए के स्थान पर 58 हजार 650 रूपए प्रतिमाह और तृतीय वर्ष में 21 हजार रूपए प्रतिमाह के स्थान पर 60 हजार 950 रूपए प्रतिमाह का स्टाइपेण्ड और महंगाई भत्ता दिया जाएगा. इस पर लगभग 5 करोड़ 38 लाख रूपए का वित्तीय भार आएगा, जिसे राज्य सरकार की ओर से वहन किया जाएगा. साथ ही, आयुर्वेद विश्वविद्यालय के यूजी (बीएएमएस) छात्रों को इंटर्न अलाउन्स के रूप में 7 हजार रूपए के स्थान पर 14 हजार रूपए प्रतिमाह तथा संघटक यूनानी कॉलेज, टोंक के यूजी बीयूएमएस छात्रों को इंटर्न अलाउन्स के रूप में 14 हजार रूपए प्रतिमाह दिए जाएंगे. इस पर क्रमशः 1.76 करोड़ रूपए व 1.42 करोड़ रूपए के वित्तीय भार को विश्वविद्यालय द्वारा वहन किया जाएगा.

उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री ने हाल ही में जोधपुर यात्रा के दौरान आयुर्वेद चिकित्सा के प्रशिक्षणार्थियों को आयुर्वेद महाविद्यालय, उदयपुर के समान ही स्टाइपेण्ड व इंटर्न अलाउन्स देने की घोषणा की थी. इसके अलावा मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने राज्य के निर्यातकों को प्रोत्साहन देने के लिए विभिन्न प्रकार की छूट देने के निर्णय को स्वीकृति दी है. इस स्वीकृति से अनुमोदित अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेलों, प्रदर्शनियों और व्यवसाय सेवा प्रबंधन में भाग लेने पर चुकाए ग्राउण्ड रेंट एवं सहभागिता शुल्क का पुनर्भरण योजना के अंतर्गत प्राप्त होने वाले पुनर्भरण की राशि 30 प्रतिशत से बढ़ाकर 50 प्रतिशत कर दी गई है.

योजना के तहत छूट बढ़ाने के साथ-साथ योजना की अवधि भी बढ़ाकर 31 मार्च, 2025 तक कर दी गई है. प्रदेश के निर्यातकों के विदेश में नियुक्त प्रतिनिधि मण्डल के अपने उत्पादों के निर्यात को प्रोत्साहन देने के लिए विभिन्न आयोजनों में दिए गए सहभागिता शुल्क के पुनर्भरण के लिए राजस्थान निर्यात संवर्द्धन परिषद को 10 लाख रूपए का प्रावधान किया गया है. इसके अलावा नए नियमों में राजस्थान निर्यात संवर्द्धन परिषद के तहत पंजीकृत राजस्थान निवासी निर्यातक जिनके पास एमएसएमई एवं आईईसी कोड हो, इस योजना का लाभ उठा सकेंगे. साथ ही 'मिशन निर्यातक बनो' के अंतर्गत पंजीकृत निर्यातक जिन्होंने मिशन के लांच के बाद निर्यात शुरू किया हो तथा आरईपीसी के अंतर्गत पंजीकृत हो, भी नए नियमों के अनुसार छूट के पात्र होंगे. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने लघु उद्योग प्रोत्साहन योजना के लिए 100 करोड़ रूपए के अतिरिक्त वित्तीय प्रावधान को स्वीकृति दी है. इससे योजना के सुगम संचालन में सहायता मिलेगी और लाभार्थियों का दायरा बढ़ेगा

उल्लेखनीय है कि बजट 2022 - 23 में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने प्रदेश में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों को प्रोत्साहन देने तथा छोटे व्यवसायिओं एवं निवेशकर्ताओं को आसानी से ऋण उपलब्ध कराने के लिए लाई गई 'मुख्यमंत्री लघु प्रोत्साहन योजना' के लिए 150 करोड़ रूपए के वित्तीय प्रावधान को स्वीकृति दी थी. योजना के लिए पूर्व में ही लगभग 58 करोड़ रूपए की स्वीकृति जारी की जा चुकी है. उक्त घोषणा की अनुपालना में गहलोत ने 100 करोड़ रूपए के अतिरिक्त बजट प्रावधान को मंजूरी दी है. योजना की लोकप्रियता को देखते हुए इसके लिए प्रावधित बजट में वृद्धि की गई है।

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