ओडिशा में धान खरीद की शुरूआत में ही किसान टोकन जेनरेशन में खामियों से हुए नाराज
ओडिशा में बुधवार धान की खरीद शुरू हो चुकी है लेकिन शुरूआत की जाएगी। आगामी खरीफ सीजन में जिले में 59 हजार 921 किसानों से धान की खरीदारी की जायेगी। धान की खरीद की शुरूआत से ही टोकन जेनरेशन में कथित अनियमितताओं के कारण किसानों में बहुत नाराजगी है।

ओडिशा में पहले दिन धान की खरीद धीमी रही इसके अलावा कई किसानों ने बाजार यार्डों में मिल मालिकों द्वारा टोकल में अनियमितताए बरतने और शोषण करने की शिकायत दर्ज की।
खबरों के अनुसार मनेश्वर ब्लॉक के तीन बाजार यार्डों में अपना धान बेचने के लिए पंजीकृत किसानों को अपना धान बेचे बिना वापस जाना पड़ा क्योंकि उनके टोकन नहीं बने थे।
बता दें जिला प्रशासन की लापरवाही और कार्रवाई न किए जाने के कारण जिला कृष्ज्ञट सुरक्षा संगठन के अंतर्गत टोकन संबंधी समस्याओं के समाधान के लिए जिला कलेक्टर को एक लेटर लिखा है।
इसके साथ ही उन्होंने चावल मिल मालिकों द्वारा धान की बोरियों को वापस करने में देरी के अलावा गुणवत्ता के नाम पर प्रति क्विंटल धान की कटौती सहित दो अन्य समस्याओं का समाधान करने की गुजारिश की है।
जिला कृषक सुरक्षा संगठन के सचिव देबेंद्र कुमार प्रधान ने बताया कि राज्य में धान खरीद की तारीख 15 नवंबर से बढ़ाकर 22 नवंबर कर दी गई है, लेकिन जिन किसानों ने अपनी फसल काट ली है, उनमें से अधिकांश को खरीद के लिए टोकन नहीं मिले हैं। इस वजह से खेत से काटे एक धान के भंडारण को लेकर चिंता कर रहे हैं।
इसके साथ ही प्रधान ने आरोप लगाया कि चावल मिल मालिक अत्यधिक शोषण कर रहे हैं। प्रत्येक क्विंटल पर लगभग 4-5 किलोग्राम धान काट रहे हैं, हालांकि किसान स्वयं ही धान की बोरियां पैक कर रहे हैं।
संगठन के सचिव देबेंद्र कुमार प्रधान ने कहा
दुर्भाग्य की बात है कि पिछले 3-4 वर्षों से ये समस्याएं हर साल आ रही हैं, फिर भी न तो प्रशासन और न ही राज्य सरकार को इसकी चिंता है। इस बार जिला प्रशासन को हमारे मुद्दों का समाधान करने के लिए 72 घंटे का अल्टीमेटम दिया है, ऐसा न करने पर हम आंदोलन शुरू करने के लिए मजबूर होंगे।












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