जनता के ठाठ ही लोकतंत्र की असली पहचान, दुष्यंत दिन-रात कर रहे इसके लिए काम: दिग्विजय चौटाला

दिग्विजय चौटाला ने भूपेंद्र हुड्डा को जवाब देते हुए कहा कि जहां हमारी राजनीति लोगों के ठाठ पर केंद्रित है तो भूपेंद्र हुड्डा की राजनीति खुद के ठाठ पर केंद्रित थी इसीलिए जनता ने उन्हें सत्ता से बेदखल किया।

Dushyant is working day and night for it: Digvijay Chautala

जननायक जनता पार्टी के प्रधान महासचिव दिग्विजय सिंह चौटाला ने कहा है कि जनता के ठाठ ही लोकतंत्र की असली पहचान होती हैं। उन्होंने कहा कि लोग अच्छे कार्यों के लिए सरकार को चुनते हैं ताकि जनता को सुविधाएं और लाभ मिले। दिग्विजय ने कहा कि डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला निरंतर जनसेवा की कारगर नीति बनाने व लोगों के कष्ट के निवारण के लिए दिन-रात मेहनत कर रहे हैं।

वहीं इस विषय पर दिग्विजय चौटाला ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र हुड्डा को जवाब देते हुए कहा कि जहां हमारी राजनीति लोगों के ठाठ पर केंद्रित है तो भूपेंद्र हुड्डा की राजनीति खुद के ठाठ पर केंद्रित थी इसीलिए जनता ने उन्हें सत्ता से बेदखल किया था। दिग्विजय चौटाला ने कहा कि हुड्डा खुद के ठाठ के लिए इस कदर तत्पर हैं कि अपने पुत्र को जनता द्वारा नकारे जाने के बावजूद कुमारी शैलजा को दरकिनार करके पिछले दरवाजे से संसद में भेजा।

दिग्विजय चौटाला ने कहा कि जनता के ठाठ की सभी योजनाएं हमारे घोषणा पत्र में थी और सरकार में आने पर उन पर लगातार काम हो रहा है। दिग्विजय ने कहा कि हमारी सोच है कि प्रदेश के युवाओं को प्राइवेट सेक्टर में 75 प्रतिशत रोजगार का अधिकार मिले, बुजुर्गों को 5100 रुपए बुढ़ापा पेंशन मिले, किसानों को अधिक से अधिक एमएसपी का लाभ व फसल खराबे का मुआवजा सीधे बैंक खाते में मिले, हर घर में रोजगार हो, महिलाओं को आधी हिस्सेदारी मिले, युवाओं को गांव में डिजिटल लाइब्रेरी व कॉलेज में छात्रसंघ चुनने का अधिकार मिले, मजदूरों को अधिक से अधिक न्यूनतम भत्ता व सामाजिक सुरक्षा मिले, खिलाड़ियों को अधिक से अधिक सुविधाएं व सम्मान मिले, कानून व्यवस्था और अधिक मजबूत हो, समाज में 36 बिरादरी का भाईचारा मजबूत हो, लोगों की शिकायतों का प्रभावी निवारण हो। दिग्विजय ने कहा कि इन सभी मुद्दों का सीधा सरोकार जनता के ठाठ से है।

जेजेपी प्रधान महासचिव दिग्विजय चौटाला ने कहा कि दुष्यंत चौटाला ने बीते साढ़े तीन साल में इन सभी मुद्दों को अमलीजामा पहनाने के लिए दिन-रात मेहनत की है और अधिक से अधिक मुद्दों को कानूनी रूप से अमलीजामा भी पहनाया है, लेकिन जब तक हमारे सभी मुद्दे प्रभावी ढंग से लागू नहीं हो जाते, तब तक राज के ठाठ नहीं कहा जा सकते। दिग्विजय ने कहा कि 10 सीटों के बावजूद दुष्यंत चौटाला ने जनता को ज्यादा से ज्यादा ठाठ देने के प्रयास किए हैं, लेकिन पेंशन जैसे मुद्दों पर हमारी टीस स्वाभाविक है।

दिग्विजय ने कहा कि हमारी 46 सीटें होती तो पहली कलम से जनता के पूरे ठाठ सुनिश्चित हो जाते, लेकिन फिर भी जनता के ठाठ के लिए लगातार प्रतिबद्ध हैं और निरंतर प्रयासरत रहेंगे।

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