छेड़छाड़ के आरोपी अध्यापक के मामले में दुष्यंत चौटाला ने कांग्रेस पर कसा तंज, कही ये बात
Haryana News: हरियाणा के डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला ने शुक्रवार 22 दिसंबर को जेजेपी प्रवक्ताओं के साथ आगामी लोकसभा औऱ विधानसभा चुनावों की तैयारियों को लेकर मंथन किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि पिछले 5 सालों के सफर और सरकार के अब तक के कार्यकाल पर विस्तारपूर्वक चर्चा की।
डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला ने कहा कि पार्टी प्रवक्ताओं को सरकार द्वारा तमाम वर्गों के हितों में करवाए गए विकास कार्यों के प्रचार-प्रसार के लिए दिशा-निर्देश दिए हैं। इस दौरान उचाना में छात्राओं से छेड़छाड़ के मामले पर पूछ गए सवाल पर डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला ने सत्र के बाद उन्होंने अब तक इसलिए कोई प्रतिक्रिया नहीं दी क्योंकि वे देखना चाहते थे कि इस मामले पर कांग्रेस और कितना झूठ बोलेगी।

उन्होंने कहा कि पूरे मामले की अच्छे से जांच करवाई जाएगी और आरोपी शिक्षक को सख्त से सख्त सजा दिलाई जाएगी। डिप्टी सीएम ने आगे कहा कि साल 2005 में आरोपी अध्यापक उचाना के गीता स्कूल में पढ़ाता था। वहां आरोपी ने ट्यूशन पढ़ने वाली एक छात्रा के साथ छेड़छाड़ की और परिजनों की शिकायत के बाद अध्यापक को निजी स्कूल से बर्खास्त किया गया।
कहा कि साल 2006 में पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा की सरकार के दौरान आरोपी शिक्षक को जेबीटी गेस्ट टीचर भर्ती किया गया जबकि भूपेंद्र हुड्डा उसकी 2008 में भर्ती होने की बात कह रहे हैं। उन्होंने कहा कि दो साल जेबीटी गेस्ट टीचर रहने के उपरांत आरोपी अध्यापक 2008 में हेडमास्टर भर्ती हुआ।
उन्होंने कहा कि साल 2010 में भी उचाना में जिला स्तरीय एक जांच कमेटी ने मामले में लीपापोती करके आरोपी अध्यापक को बचाने का काम किया बल्कि उल्टे एक मिड-डे-मील वर्कर का इस्तीफा करवाया गया। साल 2012 में आरोपी शिक्षक के खिलाफ छेड़छाड़ का दोबारा मामला सामने आया और इसके खिलाफ गांव की सरपंच ने शिक्षा अधिकारी से लेकर शिक्षा मंत्री तक लिखित में शिकायत दी तथा सबसे मुलाकात भी की।
उस दौरान जब जांच के लिए अधिकारी आए तो उचाना के एक स्कूल में सबके सामने हथियार दिखाकर उन्हें डराया धमकाया भी गया। इस दौरान आरोपी का तबादला भी किया गया लेकिन मात्र 19 दिनों के बाद ही पास के गांव में उसे दोबारा पोस्ट कर किया यानी कि निरंतर आरोपी पर छेड़छाड़ के आरोप लगते रहे लेकिन कांग्रेस ने उसका बचाव किया। डिप्टी सीएम ने यह भी कहा कि भूपेंद्र सिंह हुड्डा को विधानसभा में दिए अपने बयान 'डीडीआर दो साल में नष्ट हो जाती है' पर स्पष्टीकरण देना चाहिए क्योंकि उस समय साल 2012 से 2014 तक गृह विभाग का जिम्मा भूपेंद्र सिंह हुड्डा के पास ही था।
उन्होंने कहा कि फिलहाल मामले की जांच के लिए विधानसभा की कमेटी बनी है और सारे तथ्य देकर हम इस पूरे मामले की अच्छे से जांच करवाएंगे। मामले में शामिल रहे सभी गवाहों आदि के बयान दोबारा करवाए जाएंगे। यह पूछे जाने पर कि आरोपी अध्यापक को 2005 से अब तक निरंतर कार्रवाई से बचाए जाने के पीछे किसी राजनेता का हाथ है क्या, डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला ने कहा कि समय आने पर यह भी सबको पता चल जाएगा।












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