दिल्ली में मजदूरों को मिलने वाला न्यूनतम वेतन अन्य किसी राज्य की तुलना में सबसे अधिक: मनीष सिसोदिया
दिल्ली में मजदूरों को मिलने वाला न्यूनतम वेतन अन्य किसी राज्य की तुलना में सबसे अधिक: मनीष सिसोदिया
Delhi News: दीपावली से पहले दिल्ली (Delhi) सरकार ने श्रमिकों को गिफ्ट दिया है। दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने शुक्रवार को दिल्ली के अकुशल, अर्ध कुशल और अन्य श्रमिकों का महंगाई भत्ता बढ़ाने का आदेश जारी किया है। साथ ही उपमुख्यमंत्री ने सभी श्रमिकों और कर्मचारियों को बढ़ी हुई दर के साथ भुगतान सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया है। नई दरें एक अक्तूबर से लागू होंगी।

श्रमिकों का न्यूनतम वेतन में बढ़ोत्तरी किए जाने की जानकारी दिल्ली के डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने दी। इस दौरान उन्होंने कहा, दिल्ली में मजदूरों को मिलने वाला न्यूनतम वेतन देश के अन्य किसी भी राज्य की तुलना में सबसे अधिक है। महंगाई की मार झेल रहे श्रमिक वर्ग को न्यूनतम मजदूरी बढ़ने से राहत मिलेगी। इस दौरान डिप्टी सीएम ने बताया कि वृद्धि के बाद अकुशल श्रमिकों का मासिक वेतन 16,506 से बढ़कर हुए 16,792 हो गया है।
वहीं, अर्ध-कुशल श्रमिकों का मासिक वेतन भी 18,187 से बढ़कर 18,499 और कुशल श्रमिकों का वेतन भी 20,019 रुपये से बढ़कर 20,357 रुपये हो गया है। इस दौरान डिप्टी सीएम कहा, गरीब और मजदूर वर्ग के हितों को ध्यान में रखते हुए बढ़ती महंगाई के बीच यह बड़ा कदम उठाया गया है। इसका लाभ लिपिक और सुपरवाइजर वर्ग के कर्मचारियों को भी मिलेगा। इस दौरान डिप्टी सीएम ने कहा कि असंगठित क्षेत्र के ऐसे श्रमिकों के महंगाई भत्ते पर रोक नहीं लगाई जा सकती है, जिन्हें सामान्यत: केवल न्यूनतम मजदूरी मिलती है।
इसलिए दिल्ली सरकार ने महंगाई भत्ते जोड़कर नया न्यूनतम वेतन की घोषणा की है। उन्होंने बताया कि सुपरवाइजर और लिपिक वर्ग के कर्मचारियों की न्यूनतम मजदूरी की दर बढ़ाई गई है। इनमें गैर मैट्रिक कर्मचारियों का मासिक वेतन 18,187 से बढ़ाकर 18,499 रुपये, मैट्रिक लेकिन गैर स्नातक कर्मचारियों का मासिक वेतन 20,019 से बढ़ाकर 20,357 रुपये तथा स्नातक और इससे अधिक शैक्षणिक योग्यता वाले मजदूरों का मासिक वेतन 21,756 से बढ़ाकर 22,146 रुपये कर दिया गया है।
उपमुख्यमंत्री सिसोदिया ने कहा कि मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल जी के नेतृत्त्व में मजदूर भाईयों के हित का ध्यान रखते हुए हमने उनका महंगाई भत्ता बढ़ाने का निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि पिछले 2 साल में कोरोना के कारण समाज का हर वर्ग आर्थिक रुप से भी प्रभावित हुआ है। ऊपर से रोजमर्रा की उपभोग की वस्तुओं के लगातार बढ़ते दाम से लोगों की कमर टूट गई हैं। ऐसे में मैं उम्मीद करता हूं कि इस बढ़ोतरी से मजदूर भाईयों को सहायता मिलेगी।












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