डिप्टी CM मनीष सिसोदिया का LG पर हमला, बोले- 'ये जांच अवैध और असंवैधानिक'
नई दिल्ली,5 अक्टूबरः दिल्ली की आम आदमी पार्टी की सरकार और उपराज्यपाल वीके सक्सेना (Vinai Kumar Saxena) के बीच तकरार जारी है. अब बीएसईएस (BSES) को बिजली सब्सिडी देने के मामले को लेकर विवाद छिड़ गया है. उपराज्यपाल वीके सक
नई दिल्ली,5 अक्टूबरः दिल्ली की आम आदमी पार्टी की सरकार और उपराज्यपाल वीके सक्सेना (Vinai Kumar Saxena) के बीच तकरार जारी है. अब बीएसईएस (BSES) को बिजली सब्सिडी देने के मामले को लेकर विवाद छिड़ गया है. उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने आप (AAP) सरकार के द्वारा बीएसईएस डिस्कॉम को दी जाने वाली सब्सिडी में कथित अनियमितताओं की जांच करने के निर्देश दिए हैं. साथ ही 7 दिनों में एक रिपोर्ट देने को कहा है.

उपराज्यपाल के इस निर्देश के बाद दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने उन पर बड़ा हमला किया है. मनीष सिसोदिया ने आरोप लगाया है कि उपराज्यपाल एक के बाद एक विभिन्न मुद्दों की जांच के आदेश देकर "राजनीति से प्रेरित" निर्णय ले रहे हैं. सिसोदिया ने उपराज्यपाल को चिट्ठी लिखकर कहा कि उपराज्यपाल चुनी हुई सरकार को बाईपास कर रहे हैं. सभी जांच गैरकानूनी और असंवैधानिक हैं.
क्या कहा मनीष सिसोदिया ने?
मनीष सिसोदिया ने कहा कि आपको जमीन, पुलिस, पब्लिक ऑर्डर और सर्विसेज के अलावा किसी भी अन्य मामले में आदेश देने का अधिकार नहीं है. आप नेता ने कहा कि आपके सभी आदेश राजनीति से प्रेरित हैं. अब तक किसी भी जांच में कुछ भी सामने नहीं आया है. मैं आपसे संविधान के अनुसार कार्य करने का अनुरोध करता हूं.
मुख्यमंत्री ने भी किया कटाक्ष
इससे पहले दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने आप की बिजली सब्सिडी योजना की जांच के आदेश पर कटाक्ष करते हुए कहा कि ताजा जांच आदेश आप की बढ़ती लोकप्रियता के खिलाफ बीजेपी का कदम है. केजरीवाल ने ट्वीट किया कि, "गुजरात आप की मुफ्त बिजली गारंटी को पसंद कर रहा है. इसलिए बीजेपी दिल्ली में मुफ्त बिजली बंद करना चाहती है."
शराब नीति की सीबीआई जांच के भी दिए थे आदेश
उपराज्यपाल वीके सक्सेना (Vinai Kumar Saxena) ने दिल्ली की शराब नीति की सीबीआई (CBI) जांच की अनुमति देने के लगभग तीन महीने बाद नई जांच का आदेश दिया. दिल्ली की बिजली सब्सिडी में कथित घोटाला राज्य सरकार द्वारा शहर में बिजली की आपूर्ति करने वाली कंपनियों को भुगतान से जुड़ा है.
दिल्ली में 58 लाख घरेलू बिजली उपभोक्ता हैं, जिनमें से 47 लाख सब्सिडी का उपयोग करते हैं- जिनमें 30 लाख ऐसे हैं जिन्हें 200 यूनिट से कम की खपत के रूप में कोई बिल नहीं मिलता है. लगभग 17 लाख को 50 प्रतिशत सब्सिडी (Electricity Subsidy) मिलती है, जो कि 400 यूनिट तक की खपत के लिए है. इसके लिए सरकार कंपनियों को भुगतान करती है.












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