ध्वनि प्रदूषण के मामले पर सख्त हुई दिल्ली सरकार, नजुर्माना लगाने का दिया आदेश

दिल्ली सरकार ने अधिकारियों को ध्वनि नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सख्ती से जुर्माना लगाने और इस संबंध में की जाने वाली कार्रवाई की रिपोर्ट हर महीने जमा करने का निर्देश दिया है। पर्यावरण विभाग ने 29 नवंबर के एक आदेश में सभी उपायुक्तों (राजस्व), उपमंडल मजिस्ट्रेट, पुलिस नियंत्रण कक्ष और यातायात पुलिस के सहायक आयुक्तों, उपमंडल पुलिस अधिकारियों और दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (डीपीसीसी) के अध्यक्ष एवं सदस्य सचिव से राष्ट्रीय राजधानी में ध्वनि प्रदूषण के स्थानीय स्रोतों पर पूरी तरह अंकुश लगाने को कहा है।
प्रधान सचिव (पर्यावरण) अनिल कुमार सिंह द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि ध्वनि नियमों के उल्लंघन पर जुर्माने को लेकर 25 जून, 2021 को जारी डीपीसीसी के निर्देशों का अक्षरशः पालन किया जाना चाहिए और मासिक कार्रवाई रिपोर्ट जमा की जानी चाहिए।डीपीसीसी के अनुसार, ध्वनि नियमों के उल्लंघन पर एक लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।ध्वनि प्रदूषण (विनियमन और नियंत्रण) नियमों के अनुसार, अधिकारियों की अनुमति के बिना लाउडस्पीकर या सार्वजनिक उद्घोषणा प्रणाली का उपयोग नहीं किया जा सकता।
नियमों के अनुसार, सभागार, सम्मेलन कक्ष, समुदाय और बैंक्वेट हॉल जैसे बंद परिसरों को छोड़कर लाउडस्पीकर का उपयोग रात 10 बजे से सुबह छह बजे के बीच नहीं किया जा सकता।लाउडस्पीकर और सार्वजनिक उद्घोषणा प्रणाली के उपयोग से संबंधित नियमों का उल्लंघन करने वालों पर 10,000 रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।नियमों के तहत जेनरेटर सेट और निर्माण उपकरण के उपयोग के संबंध में मानदंडों के उल्लंघन पर क्रमशः एक लाख रुपये और 50,000 रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।












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