दिल्ली के द्वारका जल्दी ही शुरू हो जाएगा मल्टी सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल
नई दिल्ली, 14 सितंबर: कोरोना की नई लहर की आशंका को देखते हुए दिल्ली सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने में जुटी हुई है। दिल्ली सरकार की ओर से जल्द ही साउथ वेस्ट दिल्ली के द्वारका में एक नया मल्टी सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल बनकर तैयार हो जाएगा। द्वारका में तैयार किए जा रहे इस मल्टी स्टोरी अस्पताल भवन को कुल 24 एकड़ एरिया में बनाया जा रहा है। इस पर कुल लागत 932 करोड़ आने का अनुमान है। इसको अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस किया जा रहा है।

स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की मानें तो द्वारका सब-सिटी में बन रहे इस अस्पताल का आसपास की आबादी को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध हो सकेगी. सब-सिटी में बनाया जा रहा यह अस्पताल अपने आप में पहला सुपर स्पेशियलिटी सरकारी अस्पताल होगा.द्वारका सेक्टर-9 में लंबे समय से निर्माणाधीन इंदिरा गांधी मल्टी सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल की इमारत को 30 जून को स्वास्थ्य विभाग को सौंप दिया गया था. इस अस्पताल की इमारत भूकंपरोधी व दिव्यांगों के लिए अनुकूल है।
1997 में आवंटित की गई थी अस्पताल के लिए जमीन
अस्पताल के लिये जमीन का आवंटन 1997 में हुआ था. इसके लिये पूर्व की शीला दीक्षित की सरकार द्वारा 2007 में अस्पताल निर्माण के लिये 350 करोड़ रुपये का फंड भी आवंटित किया था. लेकिन करीब 24 साल से इस अस्पताल का निर्माण अधर में लटका हुआ था. अस्पताल की आधारशिला पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने रखी थी। हालांकि वर्ष 1997 में डीडीए ने स्वास्थ्य विभाग को अस्पताल के निर्माण के लिए 15 एकड़ जमीन आवंटित की थी. लेकिन अब यह 24 एकड़ में तैयार किया जा रहा है. 15 एकड़ में इसका निर्माण 750 बेड के रूप में किया जाना था लेकिन आबादी और जरूरत बढ़ने के हिसाब से इसको 24 एकड़ में 1241 बेड का कर दिया गया।
भविष्य में मेडिकल कॉलेज स्थापना करने की भी योजना
स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक इस अस्पताल में एक हिस्से को खाली रखा गया है. इस एरिया में अस्पताल प्रशासन की ओर से भविष्य में मेडिकल कॉलेज की स्थापना भी किए जाने की योजना है. इससे न केवल मेडिकल की सीटों में बढ़ोत्तरी हो सकेगी बल्कि क्षेत्र में एक नया मेडिकल कॉलेज भी मिल सकेगा।
अस्पताल में मरीजों को मिलेंगी ये सभी खास मेडिकल सुविधाएं
नवनिर्मित अस्पताल में प्रसूति और स्त्री रोग विभाग, आर्थोपेडिक विभाग, मेडिसन विभाग, सर्जरी विभाग, नेत्र विज्ञान विभाग, ईएनटी (आंख- कान-गला) विभाग, त्वचा विभाग, पैथोलाजी विभाग, माइक्रो बॉयोलाजी विभाग, एनेस्थीसिया विभाग, रेडियोलाजी विभाग व पीडिऐट्रिक्स विभाग शामिल है। साथ ही इसमें ओपीडी, आईपीडी, इमरजेंसी, लैब सर्विस, रेडियोलाजी (एक्स-रे व अल्ट्रासाउंड), ब्लड बैंक, फिजियोथेरेपी, आईसीयू व डायलिसिस आदि की सुविधा भी होगी. अस्पताल में डायलिसिस को सुविधा भी मुहैया कराई जाएगी।
ऑक्सीजन प्लांट व स्टोरेज टैंक स्थापित किए जा रहे
इन सुविधाओं के अलावा अस्पताल प्रशासन की ओर से यहां पर ऑक्सीजन प्लांट भी लगाये जा रहे हैं. ऑक्सीजन स्टोरज की व्यवस्था के लिये यहां पर ऑक्सीजन टैंक भी लगाये जा रहे हैं. जिससे कि जरूरत पड़ने पर ऑक्सीजन की उपलब्धता हो सकेगी. कोरोना की दूसरी लहर के दौरान ऑक्सीजन की भारी किल्लत के चलते सरकार की ओर से ज्यादा से ज्यादा ऑक्सीजन प्लांट, ऑक्सीजन स्टोरेज और टैंकर आदि की व्यवस्था की जा रही है।












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