दिल्लीः यमुना की सफाई के लिए STP की बढ़ेगी क्षमता, 45 से 70 एमजीडी तक करने की योजना को मिली मंजूरी
सिसोदिया ने बताया कि विभिन्न वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट की क्षमता बढ़ाने व यमुना की सफाई को लेकर चरणबद्ध तरीके से काम किया जा रहा है। इसके अलावा शोधित पानी के दोबारा उपयोग पर जोर दिया जा रहा है।

दिल्ली सरकार ने वर्ष 2025 तक यमुना की सफाई पूरी करने के लिए यमुना विहार एसटीपी की क्षमता बढ़ाने और विशेष पाइपलाइन डालने की परियोजना को मंजूरी दी। इसके तहत एसटीपी की क्षमता 45 से बढ़ाकर 70 एमजीडी की जाएगी।
इस परियोजना के पूरा होने पर पूर्वी दिल्ली के करीब छह लाख लोगों को फायदा होगा। साथ ही, पूर्वी दिल्ली के नाले में गंदे पानी के बहाव को कम करने में मदद मिलेगी। परियोजना को उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने गुरुवार को मंजूरी दी।
सिसोदिया ने बताया कि विभिन्न वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट की क्षमता बढ़ाने व यमुना की सफाई को लेकर चरणबद्ध तरीके से काम किया जा रहा है। इसके अलावा शोधित पानी के दोबारा उपयोग पर जोर दिया जा रहा है। एसटीपी से आने वाले शोधित पानी न केवल यमुना को साफ करने में मदद करेगा, बल्कि अन्य चीजों के लिए भी उपयोगी होगा। इससे बागवानी और दिल्ली की झीलों का कायाकल्प करने में मदद मिलेगी।
एसटीपी से यमुना तक एक विशेष पाइपलाइन डाली जाएगी। वर्तमान में वहां एक पाइपलाइन पहले से ही बिछी हुई है, लेकिन सीमित क्षमता होने से जल बोर्ड ने अन्य पाइपलाइन डालने की योजना बनाई है। इसके बिछने से ज्यादा से ज्यादा शोधित पानी यमुना तक पहुंच सकेगा। वर्तमान में यमुना विहार एसटीपी की क्षमता 45 एमजीडी है। इसकी क्षमता बढ़ने के बाद पूर्वी दिल्ली के ड्रेन-एक में गंदा पानी नहीं गिरेगा। ड्रेन-एक में प्रवाह कम होने से शाहदरा ड्रेन में गिर रहे गंदे पानी में कमी आएगी।
शाहदरा ड्रेन यमुना में प्रदूषण फैलाने वाले प्रमुख चार नालों में से एक है। इसके अलावा आधुनिक तकनीक से एसटीपी अपग्रेड होने के बाद गंदे पानी के बायोलॉजिकल ऑक्सीडेशन डिमांड (बीओडी) स्तर को शोधित कर 10 तक लाया जा सकेगा।












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