दिल्ली: आतिशी ने कैंब्रिज यूनिवर्सिटी में पेश किया शिक्षा मॉडल, कही ये बात
दिल्ली की शिक्षा मंत्री आतिशी ने अपने ब्रिटेन दौरे के दौरान कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय के फैकल्टी ऑफ एजुकेशन के समक्ष दिल्ली के शिक्षा मॉडल की उपलब्धियों को साझा किया। इस दौरान उन्होंने दावा किया कि दिल्ली के शिक्षा मॉडल में बड़ा परिवर्तन आया है और यह इस बात का जीता-जागता उदाहरण है कि यदि सरकारों में मजबूत इच्छाशक्ति हो तो परिवर्तन निश्चित रूप से संभव है।

आतिशी ने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तक पहुंच अक्सर आर्थिक असमानताओं पर टिकी होती है। भारत में एक बच्चे का भविष्य उसकी सामाजिक-आर्थिक पृष्ठभूमि के साथ पूर्व निर्धारित माना जाता है। यदि बच्चा संपन्न परिवार से होता है तो वो टॉप प्राइवेट स्कूलों में शिक्षा लेता है। उसके पास उच्च शिक्षा और करियर में आगे बढ़ने के विकल्प होते है। जबकि जो बच्चे कमजोर आर्थिक सामाजिक पृष्ठभूमि से आते है, अक्सर उनके पास सीमित विकल्प होते है। नतीजतन, वंचित पृष्ठभूमि के माता-पिता अपने बच्चों को सरकारी स्कूलों में भेजने के लिए मजबूर होते हैं जहां छात्रों को अच्छी शिक्षा नहीं मिलती और वे बीच में ही पढ़ाई छोड़ देते हैं। उन्होंने बताया कि वर्ष 2015 में दिल्ली में आम आदमी पार्टी की सरकार बनने के बाद हमने दिल्ली के सरकारी स्कूलों को देखा तो उनकी स्थिति बदहाल थी।
स्कूलों में बुनियादी सुविधाएं मौजूद नहीं थी और बच्चे बेहद ही दयनीय वातावरण में पढ़ने को मजबूर थे। वे अपने आपको दूसरे दर्जे का नागरिक मानते थे। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व में हमने शिक्षा को अपनी प्राथमिकता बनाया। हमने स्कूलों को शानदार बनाना शुरू कर दिया और छात्रों तथा शिक्षकों को हर जरूरी सुविधाएं मुहैया करवाई। हमने राज्य के कुल बजट का 25 प्रतिशत शिक्षा को आवंटित किया। शिक्षा पर सरकार के यह निवेश स्कूलों के बुनियादी ढांचे में महत्वपूर्ण सुधार लाने में मददगार बनी। आज दिल्ली सरकार के स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चे सम्मान और गौरवान्वित महसूस करते हैं।












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