सीएम जगन मोहन ने जारी किया सामाजिक-आर्थिक सर्वेक्षण, राज्य ने हासिल की 16.22 फीसदी ग्रोथ रेट
एसईएस ने कहा कि अन्य माध्यमों से परिवहन ने 21.64 फीसदी का जीवीए दर्ज किया जबकि रियल एस्टेट क्षेत्र ने 13.14 फीसदी हासिल किया।

आंध्र प्रदेश ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए 2022-23 के दौरान आश्चर्यजनक रूप से 16.22 फीसदी की वृद्धि दर दर्ज की है। राज्य योजना विभाग ने अनुमान लगाया है कि वर्ष 2022-23 के लिए जीएसडीपी (अग्रिम अनुमान) 13,17,728 करोड़ रुपये है, जो 2021-22 के अंतिम संशोधित अनुमान (एफआरई) के लिए 11,33,837 करोड़ रुपये के मुकाबले कहीं ज्यादा है।
आंकड़ों को देखें तो यह राज्य की अर्थव्यवस्था में 1,83,891 करोड़ रुपये का शुद्ध योगदान है। प्रदेश के मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी ने बुधवार को 2022-23 के लिए राज्य के योजना विभाग द्वारा तैयार सामाजिक-आर्थिक सर्वेक्षण (एसईएस) जारी किया। एसईएस के मुताबिक, अग्रिम अनुमानों के आधार पर आंध्र प्रदेश ने पिछले वर्ष की तुलना में 16.22 फीसदी की वृद्धि हासिल की है।
एसईएस के अनुसार, कृषि और संबद्ध क्षेत्रों में सकल मूल्यवर्धन (जीवीए) ने 13.18 फीसदी की अच्छी वृद्धि दर्ज की, जबकि अकेले कृषि क्षेत्र ने 20.72 फीसदी की वृद्धि दर्ज की, जबकि बागवानी क्षेत्र ने 12.58 फीसदी की वृद्धि दर हासिल की। इसी तरह, पशुधन क्षेत्र ने 7.32 फीसदी की वृद्धि दर दर्ज की, जबकि मत्स्य पालन ने 19.41 फीसदी सकल मूल्यवर्धन दर्ज किया।
एसईएस में बताया गया कि उद्योग क्षेत्र में 16.36 फीसदी का सकल मूल्यवर्धन देखा गया जबकि खनन और उत्खनन ने 15.81 फीसदी जीवीए दर्ज किया। साथ ही इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर ने 11.81 फीसदी की जीवीए हासिल की। योजना विभाग के विश्लेषण ने बिजली, गैस और अन्य क्षेत्रों के जीवीए को 30.96 फीसदी और निर्माण क्षेत्र को 16.94 फीसदी पर रखा।
एसईएस में कहा गया कि सेवा क्षेत्र ने शानदार 18.91 फीसदी जीवीए हासिल किया जबकि व्यापार और होटल क्षेत्र ने 28.42 फीसदी की सूचना दी। इसमें कहा गया है कि रेलवे ने 17.82 फीसदी हासिल किया। एसईएस ने कहा कि अन्य माध्यमों से परिवहन ने 21.64 फीसदी का जीवीए दर्ज किया, जबकि रियल एस्टेट क्षेत्र ने 13.14 फीसदी हासिल किया।












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