CM हेमंत ने अधिकारियों को लगाई फटकार, बोले- कागजी आंकड़े हकीकत से कोसों दूर, करेंगे सख्त कार्रवाही
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने देवघर और गोड्डा की जिलास्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में अधिकारियों से साफ लहजे में कहा कि जो आंकड़े कागज पर दिख रहे हैं, उससे वह खुश नहीं हैं।

रांची,17 दिसंबरः मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने देवघर और गोड्डा की जिलास्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में अधिकारियों से साफ लहजे में कहा कि जो आंकड़े कागज पर दिख रहे हैं, उससे वह खुश नहीं हैं। कागज पर जो उत्साह दिख रहा है वह ग्रामीण स्तर पर नहीं है। सरकार जिन योजनाओं को धरातल पर उतारना चाहती है उसमें अधिकारी गंभीरता दिखाएं नहीं तो कार्रवाई करने से सरकार नहीं चूकेगी।
लापरवाही नहीं होगी बर्दाश्त
मुख्यमंत्री ने बैठक में कहा कि शिकायत मिल रही है कि मुख्यमंत्री रोजगार सृजन योजना के लिए जो आवेदन दे रहे हैं, उनको रोजगार नहीं मिल रहा है। अधिकारी इसे पहली और आखिरी चेतावनी मानें। सरकार किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं करेगी। सीएम ने ऐसे अधिकारियों को चेताया जो अभी भी पुरानी परंपरा के साथ चल रहे हैं। उन्होंने कहा कि अभी भी नीचले स्तर पर सिस्टम की सहभागिता बहुत कम दिख रही है।
योजनाओं को धरातल पर उतारने के लिए गंभीरता दिखाएं अधिकारी
मुख्यमंत्री सोरेन ने कहा कि सरकार ने जो भी महत्वाकांक्षी योजना शुरू की है, उसका मकसद लोगों को आत्मनिर्भर बनाना है। योजनाओं को धरातल पर उतारने के लिए जिम्मेदारी और गंभीरता दिखाएं। उन्होंने कहा कि अगली समीक्षा बैठक जब होगी तो वह कुछ अलग होगा। बैठक में अधिकारियों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि अधिकारियों को काम करने में जो स्वायत्ता चाहिए वह देने को तैयार हैं लेकिन धरातल पर काम दिखना चाहिए।
देवघर परिसदन में लगभग दो घंटे तक चली बैठक में मुख्यमंत्री की तल्खी साफ झलक रही थी। मुख्यमंत्री की तल्खी का कारण गरीबों को सशक्त करने के लिए शुरू की गई मुख्यमंत्री रोजगार सृजन, मुख्यमंत्री पशुधन योजना, सुखाड़ राहत योजनाओं को लेकर अधिकारियों की ओर से गंभीरता न दिखाना बताया जा रहा है।
आंकड़ों और जमीनी हकीकत में जमीन-आसमान का अंतर
रिपोर्ट से असंतुष्ट मुख्यमंत्री ने कहा कि उपायुक्त, एसपी, बीडीओ को ग्रामीणों के साथ बैठकर सोचना होगा, तब जाकर योजनाओं का सही लाभ मिलेगा। उनका कहना था कि अधिकारी जिनके लिए काम कर रहे हैं उनके स्तर पर जाकर देखना होगा तब जाकर योजनाओं का सही क्रियान्वयन किया जा सकता है।
मुख्यमंत्री सोरेन ने कहा कि आपके द्वारा जो आवेदन वेबसाइट पर डाले गए हैं उसे देखकर तो यही लग रहा है कि सब का निष्पादन हो गया लेकिन समीक्षा में जो बातें सामने आयी हैं वह इससे बिल्कुल विपरीत हैं। उन्होंने कहा कि अभी तो नरम होकर पूछ रहे हैं लेकिन आगे ऐसा नहीं होगा।
बुनकरों के प्रति गंभीर हों अधिकारी
मुख्यमंत्री ने बुनकरों के विषय पर अधिकारियों से बात करते हुए कहा कि गोड्डा और देवघर बुनकरों का बड़ा क्षेत्र है लेकिन वे यहां दम तोड़ रहे हैं। लोहा का काम करने वाले कर्मकार हैं। उनके बने उत्पाद ब्रांडेड दुकान में मिल जाते हैं लेकिन उन कारीगरों की स्थिति भी दयनीय है। जो अभी वर्तमान में हैं उसे बचाए जाने की जरूरत है।अधिकारियों को इस पर ध्यान देना चाहिए। सुखाड़, छात्रवृति को देने का तिथि तय किया गया है। कागज पर तो सब अपडेट दिख रहा है। लेकिन जब देने का वक्त आएगा तब सब ध्वस्त हो जाएगा। प्रखंड के अधिकारी और योजनाओं से संबंधित अधिकारी गंभीरता नहीं बरत रहे हैं। बैंक को भी चेताया कि केसीसी देने में बैंक का रूख ठीक नहीं है।
बैठक में कृषि मंत्री बादल पत्रलेख, अल्पसंख्यक मंत्री हफीजुल हसन, मुख्य सचिव सुखदेव सिंह, डीजीपी नीरज सिन्हा, प्रधान सचिव राजीव अरूण एक्का, सचिव विनय चौबे, अमिताभ कौशल, विधायक प्रदीप यादव, डीआइजी सुदर्शन मंडल, देवघर और गोड्डा के उपायुक्त, एसपी और अन्य विभागीय पदाधिकारी मौजूद रहे।












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