नगरनार स्टील प्लांट को लेकर CM भूपेश बघेल का केंद्र पर निशाना, बोले- निजीकरण से कम हुईं संभावनाएं
नगरनार स्टील प्लांट को लेकर सीएम भूपेश बघेल ने कहा कि बस्तर की लोगों की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए छत्तीसगढ़ सरकार ने कदम बढ़ाया था। लेकिन केंद्र सरकार ने रास्ता ही बंद कर दिया।
बस्तर के नगरनार स्टील प्लांट के निजीकरण को लेकर सीएम भूपेश बघेल ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि इस प्लांट को एनएमडीसी ने बनाया है। इससे बस्तर के लोगों की भावनाएं जुड़ी हैं। आदिवासी और वहां के पिछड़े वर्ग के लोगों ने इसलिए जमीन दी थी कि प्लांट लगेगा, तो उन्हें रोजगार मिलेगा। बस्तर के लोगों की भावनाओं को देखते हुए छत्तीसगढ़ सरकार उसे लेना चाहती थी, लेकिन केन्द्र सरकार ने वो भी रास्ता बंद कर दिया है।
उन्होंने कहा कि पिछले दिनों विधानसभा में बात उठी थी और वहां इसे एक संकल्प भी पारित हुआ था कि भारत सरकार उसे नहीं चलाना चाहती तो छत्तीसगढ़ सरकार उसे लेगी, लेकिन वह भी रास्ता उन्होंने बंद कर दिया गया। अभी नगरनार स्टील प्लांट शुरू ही नहीं हुआ है, लेकिन उसकी बीटिंग शुरू हो गई है। 5 कंपनियां जाकर उसका निरीक्षण करके चली भी गई हैं। एक तरफ इसके उद्घाटन की बात हो रही है और दूसरी तरफ इसे बेचने की कवायद चल रही है। उन्होंने कहा कि जिस तरह से भिलाई स्टील प्लांट 1955-56 से चल रही है और हर साल लाभ दे रही है, उसी तहर नगरनार स्टील प्लांट भी सार्वजनिक उपक्रम के तर्ज पर है अगर एनएमडीसी नहीं चला सकती तो इसे भिलाई स्टील प्लांट को देना चाहिए। वे इसे चला लेंगे वहां अनुभवी लोग हैं और इसका लाभ भी मिलेगा।

'बस्तर के लोगों की भावनाओं से खिलवाड़ नहीं होना चाहिए'
सीएम ने कहा कि सबसे बड़ी बात ये है बस्तर के लोगों की भावनाएं इससे जुड़ी हुई है और उसके साथ खिलवाड़ नहीं होना चाहिए। हम बस्तर के लोगों के साथ खड़े हैं, उनकी भावनाओं का सम्मान करते हुए जो भी हमें लड़ाई लड़नी पड़ेगी, हम लड़ेंगे। उन्होंने ऐसा नियम ही रखा है कि हम पार्टिसिपेट नहीं कर सकते, जबकि विधानसभा से पारित होकर गया है। सीएम ने कहा कि इस मामले में कई बार उनकी केंद्रीय मंत्रियों से बात हुई है कि इसे खुद चलाएं या राज्य सरकार को दे दें, लेकिन सारे सार्वजनिक उपक्रम बेचने की तैयारी में है और ये प्रदेश के लिए और देश के लिए सही नहीं है।












Click it and Unblock the Notifications