Jharkhand: सीएम सोरेन की अधिकारियों को चेतावनी, कहा- 'फील्ड पर विजिट करें और अपने काम में सुधार लाएं'
मुख्यमंत्री ने कहा कि योजनाओं का धरातल पर क्रियान्वयन हो रहा है या नहीं, गुणवत्ता के साथ काम हो रहा है या नहीं, लाइव वेरिफिकेशन होगा। इसके तहत सभी योजनाओं की साइट से जानकारी ली जाएगी।

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने राज्य सरकार के सभी विभागों के प्रधान सचिव व सचिवों को कहा है कि वे हर माह कम से कम 3 से 4 दिन फील्ड विजिट करें। जिससे कि योजनाओं की जमीनी हकीकत मालूम हो और उसी हिसाब से आगे की रणनीति तय की जा सके। मुख्यमंत्री गुरुवार को विभागों के प्रधान सचिव और सचिव के साथ बैठक में जोहार परियोजना पोर्टल पर अपलोड योजनाओं की समीक्षा कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि अधिकारी अपनी कार्यशैली बदलें व जवाबदेही के साथ काम करें। उन्होंने कहा कि तमाम योजनाओं की टाइमलाइन तय करें। इसके तहत डीपीआर से लेकर काम के पूरा होने का तक का समय तय करें। अगर योजनाओं में देर होती है तो किस स्तर पर कितना विलंब हुआ, इसकी भी रूपरेखा तय करें।
योजनाओं का धरातल पर उतरना और गुणवत्ता सुनिश्चित हो
मुख्यमंत्री ने कहा कि योजनाएं धरातल पर उतर रही हैं या नहीं, गुणवत्ता के साथ काम हो रहा है या नहीं, इसका लाइव वेरिफिकेशन होगा। इसके तहत तमाम योजनाओं की साइट से जानकारी ली जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा है कि गुड गवर्नेंस के लिए योजनाएं समय पर पूरी करना जरूरी है। सरकार गुणवत्ता के साथ योजनाओं को धरातल पर उतारने के लिए संकल्पित है। सीएम ने कहा की जलापूर्ति योजनाओं के लिए जो पाइपलाइन बिछाई जा रही है, उसको लेकर कई शिकायतें मिल रही हैं, जहां पाइप की क्वालिटी को लेकर सवाल उठ रहे हैं, वहीं उसे बिछाने में मानकों का पालन नहीं हो रहा है। इससे जलापूर्ति योजना कैसे सफल होंगी, इसे सहज समझा सकता है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि पाइप लाइन बिछाने में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं हो।
गुड गर्वनेंस के लिए योजनाओं का समय पर पूरा होना जरूरी
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा है कि गुड गवर्नेंस के लिए योजनाएं समय पर पूरी करना जरूरी है। सरकार गुणवत्ता के साथ योजनाओं को धरातल पर उतारने के लिए संकल्पित है। विशेषकर विभागवार जो बजटीय प्रावधान किए जाते हैं, उसके अनुरूप कार्यों में गति होनी चाहिए। इसके लिए अधिकारियों को गंभीरता से काम करना होगा। मुख्यमंत्री गुरुवार को झारखंड मंत्रालय में जोहार परियोजना पोर्टल की पहली समीक्षा बैठक में बोल रहे थे।
मुख्यमंत्री ने जोहार पोर्टल में कई बदलावों को जरूरी बताया
विभागीय सचिवों के साथ समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि जोहार पोर्टल में कई बदलाव की जरूरत है। इस सिलसिले में आगे जो भी बैठक होगी, उसमें मंत्री भी मौजूद रहेंगे, ताकि इसकी हर स्तर पर विस्तृत समीक्षा की जा सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार द्वारा संचालित कई योजनाएं कई विभागों से जुड़ी होती हैं। ऐसे में विभिन्न विभागों के बीच तालमेल हो, ताकि उसका क्रियान्वयन बेहतर हो सके। उन्होंने विभागीय सचिवों से कहा कि वे तमाम योजनाओं की प्रॉपर मॉनिटरिंग करें, ताकि उसमें अगर किसी प्रकार का व्यवधान या समस्या आए तो उसका समाधान निकाला जा सके। इसका यह फायदा होगा कि योजनाएं समय पर पूरी हो सकेंगी।
जन कल्याणकारी योजनाओं पर विशेष फोकस
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार द्वारा कई जनकल्याणकारी योजनाएं चलाई जा रही हैं, लेकिन, कई बार इसमें असमानताएं देखने को मिलती हैं। जरूरतमंदों तक इसका लाभ नहीं पहुंच पाता है। यह किसी भी लिहाज से उचित नहीं है। तमाम अधिकारी इसे गंभीरता से लें और जनकल्याणकारी योजनाओं को जरूरतमंदों और लाभुकों तक पहुंचाने का कार्य सुनिश्चित करें। जोहार परियोजना पोर्टल पर अपलोड योजनाएं उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में 30 मई तक जोहार परियोजना पोर्टल पर 1138 योजनाओं की जानकारी है। इसमें 931 योजनाओं का शिलान्यास हो चुका है, जबकि 207 योजनाओं को मंत्रिपरिषद की स्वीकृति मिल चुकी है। वहीं 595 योजनाओं का कार्य पूरा हो चुका है।
सुवर्णरेखा बहुउद्देश्य सहित इन परियोजनाओं की समीक्षा
इन परियोजनाओं की हुई समीक्षा सुवर्णरेखा बहुउद्देशीय परियोजना, पतरातू सुपर थर्मल पावर स्टेशन के लिए संचरण योजना, बोरियो ब्लॉक, साहिबगंज जिला अंतर्गत गुमानी बराज योजना, गोड्डा एवं सुंदर पहाड़ी रूरल पाइप वाटर सप्लाई स्कीम समेत झारखंड कृषि ऋण माफी योजना, एशियन डेवलपमेंट बैंक संपोषित झारखंड अर्बन वॉटर सप्लाई इंप्रूवमेंट प्रोजेक्ट मेदिनीनगर निगम, विद्यासागर और जामताड़ा प्रखंड अंतर्गत सिकटिया मेगा लिफ्ट सिंचाई योजना, रांची के कांटाटोली फ्लाईओवर निर्माण परियोजना, सरैयाहाट प्रखंड सरैयाहाट ग्रामीण जलापूर्ति योजना, बाघमारा रुरल वाटर सप्लाई स्कीम फेज-कक, बरलंगा-नेमरा-कसमार-खैराचातर पथ निर्माण, धोबा-धोबिन-खरपोश-बेनिसागर पथ निर्माण कार्य, रांची के नेवरी विकास विद्यालय से बूटी मोड़, कोकर चौक-कांटाटोली- नामकुम आरओबी पथ निर्माण, साहिबगंज के रांगा सिमरा-हिरन-डुमील श्रीरामपुर-इलाकी भोरबंध-सिमलघाब पथ निर्माण योजना आदि।
मुख्यमंत्री ने विभागीय सचिवों को कहा कि वे अपने-अपने विभागों द्वारा संचालित योजनाओं का आकलन करते हुए उसकी विस्तृत समीक्षा करें, ताकि उसका क्रियान्वयन सही तरीके से हो। उन्होंने कहा कि कई योजनाएं समय पर पूरी नहीं हो पाती हैं। योजनाओं में विलंब से उसका लागत भी बढ़ जाता है। इसलिए ऐसी स्थिति उत्पन्न नहीं हो, इसके लिए योजनाओं की लगातार निगरानी करें।
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