PoK Violence: Pakistan पर फूटा PoK की जनता का गुस्सा, पुलिस को वर्दी उतारकर पीटा! 27 लोगों की मौत

PoK Violence: पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में हालात एक बार फिर बेहद तनावपूर्ण हो गए हैं। स्थानीय कार्यकर्ताओं और जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) के नेताओं ने पाकिस्तान की सेना और सुरक्षा बलों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका दावा है कि रावलकोट में एक जनाजे के दौरान सुरक्षा बलों ने हिंसक कार्रवाई की, जिसके बाद पूरे क्षेत्र में नए सिरे से अशांति फैल गई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह विवाद उस समय शुरू हुआ जब बड़ी संख्या में लोग रावलकोट स्थित कंबाइंड मिलिट्री हॉस्पिटल (CMH) के बाहर इकट्ठा हुए थे। यहां शाहजेब हबीब नामक एक प्रदर्शनकारी की अंतिम नमाज-ए-जनाजा अदा की जा रही थी। JAAC का आरोप है कि शाहजेब हबीब की मौत शुक्रवार को पाकिस्तान रेंजर्स की कार्रवाई में हुई थी।

पाकिस्तानी जवानों को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि जनाजे में अवामी एक्शन कमेटी के कई नेता और समर्थक शामिल हुए थे। इस दौरान पाकिस्तान सेना के खिलाफ नारेबाजी की गई और हाल की घटना को लेकर जवाबदेही की मांग उठाई गई। JAAC नेताओं का कहना है कि जनाजे और विरोध प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा बलों ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए बल प्रयोग किया। संगठन का आरोप है कि सुरक्षाकर्मियों ने प्रदर्शनकारियों और शोकसभा में शामिल लोगों पर गोलीबारी के साथ शेलिंग भी की। इस दौरान PoK के लोगों ने पाकिस्तानी आर्मी और पुलिस पर हमला बोल दिया और उन्हें दौड़ा-दौड़ाकर पीटा। इस दौरान एक युवक ने एक पाकिस्तानी पुलिस के जवान की वर्दी उताकर उसके साथ वीडियो भी बनाया।

PoK Violence

27 प्रदर्शनकारी मारे गए- JAAC

जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी ने आरोप लगाया है कि इस कार्रवाई में कम से कम 27 प्रदर्शनकारियों की मौत हुई है। संगठन का कहना है कि कई अन्य लोग गंभीर रूप से घायल भी हुए हैं। कुछ स्थानीय लोगों ने इससे भी बड़े दावे किए हैं। उनके मुताबिक, पाकिस्तानी सुरक्षा बलों की कार्रवाई में 100 से अधिक प्रदर्शनकारी मारे गए हो सकते हैं। हालांकि इन आंकड़ों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है और आधिकारिक स्तर पर भी ऐसी किसी संख्या की पुष्टि नहीं की गई है।

हिरासत और लापता लोगों को लेकर भी गंभीर आरोप

JAAC ने यह भी दावा किया है कि कार्रवाई के दौरान करीब 110 स्थानीय लोगों को अस्पताल परिसर से हिरासत में लिया गया। संगठन का आरोप है कि इनमें से कई लोगों का अब तक कोई पता नहीं चल पाया है और वे लापता हैं। इसके अलावा कमेटी के नेताओं ने सुरक्षा एजेंसियों पर यह आरोप भी लगाया है कि उन्होंने मारे गए प्रदर्शनकारियों के शवों को अपने कब्जे में ले लिया। हालांकि इन दावों की भी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।

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कई हफ्तों से बढ़ रहा था गुस्सा

ताजा टकराव अचानक नहीं हुआ है। पिछले कई हफ्तों से पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में सरकार विरोधी प्रदर्शन लगातार बढ़ रहे थे। इन प्रदर्शनों में स्थानीय लोग आर्थिक समस्याओं, राजनीतिक अधिकारों की मांग और सुरक्षा एजेंसियों की कथित सख्त कार्रवाई के खिलाफ आवाज उठा रहे थे। स्थानीय संगठनों का कहना है कि हाल के महीनों में क्षेत्र में असंतोष बढ़ा है और लोगों के बीच प्रशासन के साथ-साथ सुरक्षा एजेंसियों संस्थाओं को लेकर नाराजगी लगातार गहराती जा रही है।

पहले भी हो चुकी हैं हिंसक झड़पें

रिपोर्ट्स के मुताबिक, हाल के विरोध प्रदर्शनों के दौरान पहले भी हिंसा की घटनाएं सामने आई थीं। इन झड़पों में प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों दोनों पक्षों को नुकसान उठाना पड़ा था। स्थानीय एक्टिविस्ट समूहों का दावा है कि मौजूदा अशांति से जुड़े संघर्षों में पाकिस्तान की सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े कम से कम सात कर्मियों की भी मौत हुई है। इनमें के पुलिस के जवान और रेंजर्स के साथ-साथ फ्रंटियर कॉर्प्स के तीन सदस्य शामिल बताए जा रहे हैं।
हालांकि पाकिस्तान के अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों द्वारा लगाए गए सभी आरोपों पर सार्वजनिक रूप से कोई बयान नहीं दिया है।

पूरे इलाके में चल रही हैं छापेमारी

स्थानीय कार्यकर्ताओं का आरोप है कि सुरक्षा बलों की कार्रवाई सिर्फ सड़कों तक सीमित नहीं रही। उनका कहना है कि पिछले चार दिनों के दौरान पूरे पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में कई स्थानों पर छापेमारी की गई है। इन कार्यकर्ताओं के मुताबिक, करीब 350 स्थानीय निवासियों को विभिन्न इलाकों से हिरासत में लिया गया है। इसके अलावा कई लोगों को पूछताछ के लिए उठाए जाने की भी बात कही जा रही है।

JAAC कार्यालय सील करने का भी आरोप

अवामी एक्शन कमेटी ने आरोप लगाया है कि प्रशासन ने संगठन के केंद्रीय कार्यालय को भी सील कर दिया है। संगठन का कहना है कि उसके कई सदस्यों के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज किए गए हैं। JAAC नेताओं का आरोप है कि इन मामलों में अवैध हथियार या गोला-बारूद रखने जैसे आरोप शामिल किए गए हैं, जिन्हें वे पूरी तरह मनगढ़ंत और राजनीतिक रूप से प्रेरित बता रहे हैं।

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PoK में विरोध की बड़ी आवाज बनकर उभरा JAAC

पिछले कुछ महीनों में जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में सबसे प्रभावशाली विरोधी समूहों में से एक बनकर उभरी है। यह संगठन लगातार प्रशासनिक नीतियों, आर्थिक मुद्दों और सुरक्षा एजेंसियों की भूमिका पर सवाल उठाता रहा है। ताजा घटनाओं के बाद क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है। एक तरफ प्रदर्शनकारी न्याय और जवाबदेही की मांग कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर सुरक्षा एजेंसियों पर सख्ती बढ़ाने के आरोप लग रहे हैं।

PM Modi से मांगी जा चुकी है मदद

पीओके के नेता और जाने-माने पत्रकार अमजद अयूब मिर्जा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से इस मामले में दखल देने की अपील की थी। उन्होंने वीडियो जारी कर भारत सरकार से गुहार लगाई थी। देखना होगा भारत इस मामले में क्या रुख अपनाता है।

इस मामले पर आपकी क्या राय है, हमें कमेंट में बताएं।

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