Pepsi Sharma Death: 10 और 7 साल के बच्चों से छिना पिता का साया, पेप्सी शर्मा ने सपना चौधरी संग की थी ऐसी हरकत
Pepsi Sharma Death: हरियाणवी लोक संगीत और रागनी मंचों की दुनिया से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। अपनी गायकी, मंचीय अंदाज और दर्शकों के साथ खास जुड़ाव के लिए पहचाने जाने वाले लोकप्रिय कलाकार पेप्सी शर्मा अब इस दुनिया में नहीं रहे। महज 38 साल की उम्र में उनके निधन की खबर ने लाखों फैंस और पूरे हरियाणवी एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री को गहरे सदमे में डाल दिया है।
38 साल की उम्र में पेप्सी शर्मा का निधन
हरियाणवी सिंगर पेप्सी शर्मा के निधन के साथ ही लोक संस्कृति की दुनिया का एक ऐसा सितारा हमेशा के लिए बुझ गया, जिसने अपनी कला के दम पर गांव-गांव और शहर-शहर लोगों के दिलों में जगह बनाई थी।

सिंगर के परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
आपको बता दें कि पेप्सी शर्मा अपने पीछे एक भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं। उनकी पत्नी, 10 साल की बेटी और 7 साल का बेटा इस असमय बिछड़ने के दर्द से गुजर रहे हैं। परिवार और करीबी लोगों के लिए ये क्षति किसी बड़े सदमे से कम नहीं है। सिंगर के निधन की खबर जैसे ही सामने आई, सोशल मीडिया पर शोक संदेशों की बाढ़ आ गई। फैंस और साथी कलाकार लगातार उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित कर रहे हैं।
अचानक सीने में दर्द बना मौत की वजह
परिवार के अनुसार पेप्सी शर्मा पूरी तरह स्वस्थ और सिंपल जीवन जी रहे थे। वह स्टेज परफॉर्मेंस को लेकर भी एक्टिव थे। हालांकि उन्हें अचानक सीने में दर्द की शिकायत हुई, जिसके बाद तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया। डॉक्टरों ने इलाज शुरू किया लेकिन तमाम कोशिशों के बावजूद उनकी जान नहीं बचाई जा सकी। सिंगर की अचानक मौत ने लोगों को इसलिए भी हैरान कर दिया क्योंकि वह लगातार कार्यक्रमों में व्यस्त रहते थे और स्वास्थ्य संबंधी किसी गंभीर समस्या की जानकारी सामने नहीं आई थी।
यूपी में जन्म पर हरियाणा से लगाव
-हरियाणवी मंचों पर पेप्सी शर्मा के नाम से मशहूर सिंगर का असली नाम यशपाल शर्मा था। उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले के पतला गांव में जन्मे यशपाल ने अपनी प्रतिभा के दम पर हरियाणवी रागनी की दुनिया में बड़ी पहचान बनाई थी।
-हालांकि पेप्सी शर्मा का जन्म उत्तर प्रदेश में हुआ था लेकिन हरियाणवी लोक गीतों और रागनी से उनका ऐसा जुड़ाव बना कि वह इस विधा के सबसे लोकप्रिय कलाकारों में गिने जाने लगे। हरियाणा, दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश और राजस्थान तक उनके कार्यक्रमों की जबरदस्त मांग रहती थी।
सपना चौधरी के साथ बनी थी सुपरहिट जोड़ी
हरियाणवी मनोरंजन जगत में पेप्सी शर्मा और सपना चौधरी की जोड़ी को दर्शकों ने खूब प्यार दिया था। दोनों ने कई रागनी मंचों पर साथ परफॉर्म किया था और उनकी जुगलबंदी लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी रहती थी। लोकप्रिय गीतों और रागनी प्रतियोगिताओं में दोनों कलाकारों की केमिस्ट्री दर्शकों को बेहद पसंद आती थी। यही वजह रही कि उनके कई कार्यक्रम आज भी सोशल मीडिया और यूट्यूब पर लाखों बार देखे जाते हैं।
नागिन डांस में सपना चौधरी पर भारी पड़ गए थे पेप्सी शर्मा
आपको बता दें कि हुमांयूपुर गांव में साल 2017 में आयोजित एक चर्चित रागनी प्रतियोगिता में पेप्सी शर्मा ने अपने अनोखे अंदाज से दर्शकों का दिल जीत लिया था। उस कार्यक्रम में उनका नागिन डांस इतना मशहूर हुआ था कि लोग आज भी उस प्रस्तुति को याद करते हैं। मंच पर सपना चौधरी के साथ हुई इस यादगार प्रस्तुति का वीडियो सालों बाद भी दर्शकों के बीच लोकप्रिय बना हुआ है और सोशल मीडिया पर लगातार देखा जाता है। दोनों का ये वीडियो बेहद पॉपुलर है और यूट्यूब पर इसे 55 मिलियन से अधिक बार देखा जा चुका है। 'पतला दुपट्टा तेरा मुंह दिख्यै' गाने पर इस जोड़ी की जुगलबंदी फैंस की फेवरेट रही है।
परिवार से छिपाकर शुरू किया था गायकी का सफर
-पेप्सी शर्मा का कलाकार बनने का सफर भी बेहद दिलचस्प रहा था। बताया जाता है कि शुरुआती दिनों में उन्होंने परिवार को बताए बिना स्टेज पर गाना शुरू किया था। लोक संगीत के प्रति उनका जुनून इतना गहरा था कि वह चुपचाप कार्यक्रमों में हिस्सा लेते रहे।
-परिवार को पेप्सी शर्मा के इस हुनर की जानकारी तब मिली, जब उनका एक कार्यक्रम टेलीविजन पर प्रसारित हुआ। तब तक वह मंचों की दुनिया में 'पेप्सी शर्मा' के नाम से पहचान बना चुके थे और उनके फैंस की संख्या तेजी से बढ़ रही थी।
टीवी तक पहुंची थी पेप्सी शर्मा की प्रतिभा
-पेप्सी शर्मा की लोकप्रियता सिर्फ रागनी मंचों तक सीमित नहीं रही थी। उन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी पहचान बनाई और टेलीविजन के चर्चित कार्यक्रमों में भी प्रस्तुति दी। उनकी कला और एनर्जी ने उन्हें आम लोक कलाकारों से अलग पहचान दिलाई।
-पेप्सी शर्मा का जाना हरियाणवी लोक संगीत और रागनी जगत के लिए एक अपूरणीय क्षति माना जा रहा है। उन्होंने अपनी आवाज, कला और मंचीय प्रस्तुतियों से लाखों लोगों का मनोरंजन किया और लोक संस्कृति को नई पहचान दिलाने में अहम योगदान दिया। उनकी यादें, गीत और प्रस्तुतियां हमेशा उनके प्रशंसकों के दिलों में जिंदा रहेंगी।













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