मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने लिया कथावाचिका से आशीर्वाद, Twitter पर लिखी खास बात
सीएम अशोक गहलोत ने कहा कि 'भागवत कथा का अपना एक संदेश होता समाज को। उसको सुनने से आत्म शांति मिलती है। कथा के श्रवण से आमजन में सेवा भाव पैदा होता है।'

Rajasthan: इन दिनों मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का दौरा राजस्थान के अलग-अलग इलाकों में हो रहा है। मंगलवार, 14 फरवरी को वह डूंगरपुर दौरे पर थे। यहां उन्होंने कथावाचिका से आशीर्वाद लिया और सोशल मीडिया पर लिखा है. 'श्रद्धापूर्ण श्रवण... डूंगरपुर स्थित ग्राम पुनाली में सर्व समाज द्वारा आयोजित पवित्र भागवत कथा में सहभागिता की। इस दौरान संगीत और भक्ति से परिपूर्ण भागवत कथा सुनने का पुण्यलाभ प्राप्त हुआ. वहीं, दूसरी ओर मांगरोल स्थित बड़ा बाला जी धाम में आयोजित श्रीमद्भागवत ज्ञान गंगा महोत्सव एवं गौरक्षा विचार सम्मेलन में सहभागिता कर पवित्र श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण किया।'
आपको बता दें कि इससे पहले पुनाली में उन्होंने कहा था कि 'भागवत कथा का अपना एक संदेश होता समाज को। उसको सुनने से आत्म शांति मिलती है। कथा के श्रवण से आमजन में सेवा भाव पैदा होता है। कथा से हमारे में मन में यह भाव पैदा होते है कि हमे किस रास्ते पर जाना है। रास्ता पवित्र हो,पावन हो। आज समाज में प्रेम, भाईचारे, सद्भावना की सबसे ज्यादा जरूरत है। उन्होंने कहा कि आज हम घर में प्रेम से रहते है तो माहौल अच्छा मिलता है।'
'आज समाज को सामाजिक समरसता तथा आपसी भाईचारे की बड़ी आवश्यकता है। सभी प्रेम-भाईचारे से रहेंगे तो देश-प्रदेश की उन्नति का मार्ग प्रशस्त होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि भागवत कथा के माध्यम से किसी भी परिस्थिति में अखंड तथा मजबूत रहने का संदेश मिलता है। इन संदेशों को सुनकर आमजन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। उन्होंने राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा का जिक्र करते हुए कहा कि उनके मुद्दे भी शांति, सद्भाव, महंगाई और बेरोजगारी यही तो थे।'
गहलोत ने कहा कि वित्तीय वर्ष 2023.24 के बजट में गो-वंश संवर्धन एवं संरक्षण के लिए भी कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं। उन्होंने कहा कि लम्पी रोग से दुधारू गौवंश की मृत्यु पर प्रति गाय 40 हजार रुपए की आर्थिक सहायता तथा 20 लाख से अधिक पशुपालकों को लाभान्वित करने के लिए मुख्यमंत्री कामधेनु बीमा योजना में बीमा का प्रावधान किया। उन्होंने कहा कि चारे की बढ़ती हुई दरों को देखते हुए गौशालाओं को 6 माह के स्थान पर 9 माह तथा नंदीशालाओं को पूरे 12 महीने का अनुदान दिया जा रहा है। स्पीकर सीपी जोशी ने कहा कि कथा प्रेरणा देती है, धर्म के प्रति निष्ठा रखकर जीवन को सफल बनाए। पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा : राज्य सरकार ने हर वर्ग की समस्याओं को ध्यान में रखा है और किसी भी विषय पर राहत देने में कोई कसर नहीं छोड़ी है।
'विचारधारा अलग हो सकती, दुश्मनी नहीं'
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे यहां सरकार बदलती रहती है, विचारधारा अलग हो सकती है लेकिन दुश्मनी हमारी किसी से नहीं है। उन्होंने कहा कि देश की आजादी के बाद कांग्रेस ने सेवा की वहीं तस्वीर सबके सामने है, ये कोई पांच-दस साल में नहीं हुआ है लम्बा सफर काटा है। आदिवासी अंचल बांसवाड़ा-डूंगरपुर, उदयपुर में 70 साल पहले क्या था और आज क्या है यह सबके सामने है।












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