आहार एक्सपो 2022 में आकर्षण का केंद्र बने छत्तीसगढ़ हर्बल के प्रोडक्ट, बिक्री में भी हुई बढ़ोतरी
रायपुर, मई 01। छत्तीसगढ़ राज्य हर्बल के सेक्टर में एक नया ब्रांड बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। छत्तीसगढ़ हर्बल्स के उत्पादों की बिक्री हर दिन बढ़ती जा रही है। पिछले तीन साल में हर्बल उत्पादों की बिक्री 1 करोड़ रूपए से बढ़कर 7 करोड़ रुपए तक पहुंच गई है। राजधानी दिल्ली के प्रगति मैदान में 26 से 30 अप्रैल तक आयोजित इंटरनेशनल फूड एण्ड हॉस्पिटेलिटी फेयर 'आहार एक्सपो 2022' में छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज संघ द्वारा छत्तीसगढ़ हर्बल्स के स्टॉल लगाए गए थे। यह स्टॉल अपने उत्पादों की गुणवत्ता और बेहतर स्वाद के फलस्वरूप लोगों के बीच आकर्षण का केन्द्र बना रहा।

छत्तीसगढ़ हर्बल्स के उत्पाद राज्य के आदिवासी-वनवासियों द्वारा संग्रहित तथा प्रसंस्कृत लघु वनोपजों से बनाए जाते हैं और वर्तमान में यह 17 हजार से अधिक महिलाओं को प्रत्यक्ष आजिविका प्रदान कर रहा है। इसके अंतर्गत 120 से अधिक उत्पाद महिला स्वयं सहायता समूहों के स्वामित्व और संचालित छोटी इकाईयों में बनाए जाते हैं। इनमें हर्बल से लेकर फूड और पर्सनल केयर तक के उत्पादों के रेंज ग्राहकों की पहली पसंद बनती जा रही है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की मंशा के अनुरूप वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री मोहम्मद अकबर के मार्गदर्शन में प्रदेश में वनवासियों को लघु वनोपजों के संग्रहण से लेकर प्रसंस्करण और मार्केटिंग के जरिए रोजगार और आय के संसाधन उपलब्ध कराने में अच्छी सफलता मिल रही है। इसके तहत छत्तीसगढ़ हर्बल्स ब्रांड नेम से बेचे जाने वाले उत्पादों के व्यापार में हर साल दिन दूनी-रात चौगुनी वृद्धि दर्ज की जा रही है।
राज्य लघु वनोपज संघ के प्रबंध संचालक संजय शुक्ला ने बताया कि नई दिल्ली में लगाए गए आहार एक्सपो मेला में छत्तीसगढ़ के वनोत्पाद से बने छत्तीसगढ़ हर्बल्स चर्चा में बने रहे। यहां के वनों से निर्मित नैसर्गिक उत्पाद न केवल आम लोगों को बल्कि ओलंपियन बॉक्सर वीजेन्दर सिंह को भी लुभाने में कामयाब रहे। इन्हें छत्तीसगढ़ के वनांचल के उत्पादनों की महक स्टॉल तक खींच लाई। वीजेन्दर सिंह ने स्टॉल में पहुंचकर आदिवासी महिलाओं से चर्चा करते हुए छत्तीसगढ़ हर्बल्स की खूब सराहना की।












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