छत्तीसगढ़ सरकार को सौंप दें नगरनार प्लांट, हमारे लोगों के अधिकार रहेंगे सुरक्षित, CM बघेल की केंद्र से अपील
छत्तीसगढ़ की विधानसभा ने भी नगरनार संयंत्र के निजीकरण के खिलाफ शासकीय संकल्प प्रस्तुत किया था। इसमें यह कहा गया कि यदि संयंत्र का विनिवेशीकरण होता है तो छत्तीसगढ़ सरकार इसको खरीदने को सहमत है।
अब जबकि केंद्र की भाजपा सरकार नगरनार संयंत्र को बेच ही रही है तो इस संयंत्र को छत्तीसगढ़ की जनता के हित में इसे छत्तीसगढ़ की सरकार को सौंपा जाये ताकि हमारे लोगों के अधिकार सुरक्षित रहें।

नगरनार ऐसा संयंत्र है, जो 100 प्रतिशत मुनाफा देगा। इस संयंत्र को बेचने का उद्देश्य ही है कि अपने पूंजीपतियों मित्रों को फायदा पहुंचाना आखिर क्या कारण है। नगरनार इस्पात संयंत्र का लोकार्पण के पहले ही बेचने जा रहा है। यह साजिश है देश के खिलाफ देश की जनता के खिलाफ देश की संपत्ति के खिलाफ नगरनार संयंत्र को बेचना देशद्रोह है।
कांग्रेस पार्टी मांग करती है कि
1. नगरनार इस्पात संयंत्र को बेचने की प्रक्रिया रोकी जाये।
2. एनएमडीसी का मुख्यालय हैदराबाद से बस्तर लाया जाये।
नगरनार संयंत्र के निजीकरण के खिलाफ कांग्रेस पार्टी के प्रयास
तात्कालीन प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष भूपेश बघेल ने 19 जुलाई 2017 को छत्तीसगढ़ विधानसभा में अशासकीय संकल्प प्रस्तुत किया गया कि यह सदन केंद्र सरकार से अनुरोध करता है कि बस्तर जिला अंतर्गत नगरनार में एनएमडीसी आयरन एवं स्टील प्लांट का निजी क्षेत्र में विनिवेश, निजीकरण ना किया जाएं। इस विधानसभा सत्र का समय से पहले अवसान हो जाने के कारण विधानसभा में इस अशासकीय संकल्प पर चर्चा नहीं हो सकी।
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अर्द्धशासकीय पत्र क्रमांक 2606 26 अगस्त 2020 के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को नगरनार स्टील संयंत्र के विनिवेश को ना किये जाने के संबंध में आग्रह का पत्र प्रेषित किया गया।
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