MISHTI स्कीम: ओडिशा को उम्मीद- तटीय इलाकों की सुरक्षा में मिलेगी मदद
बजट 2023 में मैंग्रोव फॉरेस्ट लगाने के मकसद से MISHTI स्कीम का ऐलान हुआ है। ओडिशा की नवीन पटनायक सरकार इससे काफी उम्मीदें लगाए हुए है।

Budget 2023 MISHTI स्कीम के कारण लोगों का ध्यान खींच रहा है। ओडिशा को उम्मीद है कि इससे तटीय इलाकों की सुरक्षा में मदद मिलेगी। दरअसल, ओडिशा के प्राकृतिक आपदाओं के प्रति संवेदनशील बने रहने के साथ, वित्त वर्ष 2023-24 के केंद्रीय बजट में घोषित मैंग्रोव इनिशिएटिव फॉर शोरलाइन हैबिटेट्स एंड टैंजिबल इनकम (MISHTI) योजना से आपदाओं के खिलाफ ओडिशा सरकार की तैयारी में भी तेजी आएगी।
वन और पर्यावरण विभाग के एक शीर्ष अधिकारी ने कहा, MISHTI योजना प्रगतिशील दिखती है क्योंकि समुद्र तट पर बसे लोगों की सुरक्षा के अलावा सॉल्ट पैन भूमि पर मैंग्रोव फॉरेस्ट का कायाकल्प किया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि ओडिशा में MISHTI के कार्यान्वयन का विवरण हासिल करने के लिए इंतजार करना होगा।
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि इस योजना को CAMPA फंड, MGNREGS और अन्य स्रोतों को मिलाकर लागू किया जाएगा, वन अधिकारियों ने कहा कि ओडिशा राज्य मद के तहत CAMPA फंड का उपयोग करके मैंग्रोव वृक्षारोपण कर रहा है। उन्होंने कहा, देखना होगा कि क्या इस स्कीम के लिए केंद्रीय मद के तहत कोई अतिरिक्त धनराशि उपलब्ध कराई जाएगी।
ओडिशा राज्य में मैंग्रोव फॉरेस्ट कवर बढ़ाने के लिए विभिन्न योजनाओं के तहत वृक्षारोपण शुरू कर चुका है। इससे अक्सर तटीय क्षेत्र के लिए चक्रवात और ज्वार की लहरों से सुरक्षा मिलती है। इस साल की शुरुआत में ही वन विभाग ने घोषणा की कि वह ओडिशा के मैंग्रोव कवर को बेहतर बनाने के लिए चार वन प्रभागों - मैंग्रोव वन प्रभाग राजनगर, बालासोर, पुरी और भद्रक में लगभग 930 हेक्टेयर भूमि में मैंग्रोव वृक्षारोपण करने जा रहा है।












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