'कांग्रेस को फंड देने के लिए कर्नाटक सरकार लगा रही कर', BRS का कांग्रेस पर बड़ा हमला
कर्नाटक सरकार की ओर से बिल्डरों पर लगाए गए कर को लेकर बीआरएस ने कांग्रेस पर निशाना साधा है। बीआरएस सरकार में उद्योग मंत्री व भारत राष्ट्र समिति के कार्यकारी अध्यक्ष केटीआर ने कांग्रेस सरकार की ओर कर्नाटक में बेंगलुरु के बिल्डरों पर लगाए गए कर को 'चुनावी कर' बताया। उन्होंने कहा कि तेलंगाना में पार्टी को फंड देने के लिए बेंगलुरु के बिल्डरों ये टैक्स लगाया जा रहा है।
कर्नाटक में बिल्डरों पर राज्य सरकार की ओर लगाए गए कर की केटीआर ने कड़ी आलोचना की है। इसको लेकर बीआरएस नेता ने कहा कि कांग्रेस जनता से सिर्फ वादे ही करती है, उन्हें पूरा करने का यत्न नहीं। बीआरएस नेता ने कहा कि बीजेपी और कांग्रेस दोनों जनता को लुभाने के लिए वोट बांटती हैं। ऐसे में जनता को वोट देते वक्त विशेष ध्यान रखने की आवश्यकता है कि तेलंगाना की हित कौन कर सकता है।
केटीआर ने एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, "जाहिर तौर पर कर्नाटक की नवनिर्वाचित कांग्रेस सरकार ने तेलंगाना कांग्रेस को फंड देने के लिए बेंगलुरु के बिल्डरों पर 500 रुपये प्रति वर्ग फुट का 'राजनीतिक चुनाव कर' लगाना शुरू कर दिया है।"

केटीआर ने आगे कहा, "पुरानी आदतें मुश्किल से खत्म होती हैं। सबसे पुरानी पार्टी और घोटालों की इसकी समृद्ध विरासत संजोए हुए है, इसलिए इसे स्कैमग्रैस का नाम दिया गया है। इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि वे कितना पैसा खर्च करते हैं, तेलंगाना के लोगों को बेवकूफ नहीं बनाया जा सकता है।"
तेलंगाना ने उद्योग मंत्री व बीआरएस के कार्यकारी अध्यक्ष केटी रामा राव ने शनिवार को अपने ट्वीट के जरिए कांग्रेस पर जमकर हमला बोला। तेलंगाना में कांग्रेस की ओर से जनता को दी गई छह गारंटी को लेकर भी केटीआर ने बयान दिया।
उन्होंने कांग्रेस के चुनावी वादे पर चुटकी लेते हुए कहा, "अगर कांग्रेस सत्ता में आती है, तो छह चीजें होंगी, किसानों को बिजली आपूर्ति की समस्याओं से जूझना पड़ेगा, लोग पीने के पानी के लिए लड़ना शुरू कर देंगे, किसानों को उर्वरकों के लिए कतारों में खड़ा होना पड़ेगा, राज्य को एक नया मुख्यमंत्री मिलेगा। हर साल, ग्राम पंचायतें बस्तियां बन जाएंगी और लोगों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं तक पुहंच मुश्किल हो जाएगी।"
कांग्रेस शासित राज्यों में चुनावी वादों की याद दिलाते हुए केटीआर ने कहा कि ये वही पार्टी है, जिसकी राजस्थान, कर्नाटक और छत्तीसगढ़ में 4,000 रुपये की पेंशन देने के वादे के साथ सरकार बनी। पिछली बार पार्टी ने तेलंगाना में भी यही वादा किया था।












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