महिला आरक्षण मुद्दे पर BRS एमएलसी कविता ने कांग्रेस-भाजपा को घेरा, जानिए क्या कहा?

हैदराबाद: आगामी विधानसभा चुनावों में सत्तारूढ़ बीआरएस द्वारा केवल सात उम्मीदवारों को मैदान में उतारने पर भाजपा और कांग्रेस नेताओं द्वारा की गई टिप्पणियों पर बीआरएस एमएलसी के कविता कड़ी प्रतिक्रिया दी।

बीआरएस एमएलसी के कविता ने कहा, ' महिला आरक्षण का मुद्दा उनकी घरेलू समस्या नहीं है, बल्कि देश की 70 करोड़ महिलाओं से संबंधित है।'

Kavitha Kalvakuntla

बीआरएस एमएलसी के कविता ने कांग्रेस और भाजपा दोनों की आलोचना करते हुए कहा कि दोनों दलों ने महिला आरक्षण विधेयक को नजरअंदाज कर दिया है। भाजपा के चुनाव घोषणापत्र में शामिल होने के बावजूद इसे अभी तक लोकसभा द्वारा मंजूरी नहीं दी गई है। बीआरएस एमएलसी ने बताया कि सोनिया गांधी और कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने कभी भी महिला आरक्षण विधेयक का मुद्दा नहीं उठाया।

महिला आरक्षण विधेयक पर अपने-अपने रुख को लेकर भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष जी किशन रेड्डी और टीपीसीसी अध्यक्ष रेवंत रेड्डी पर तीखा हमला करते हुए कविता ने कहा कि बीआरएस सूची और इसमें महिलाओं के प्रतिनिधित्व पर दोनों द्वारा दिए गए बयान महज बयानबाजी थे।

दरअसल, केंद्रीय मंत्री और राज्य भाजपा अध्यक्ष जी किशन रेड्डी ने आगामी विधानसभा चुनावों के लिए टिकटों के वितरण में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण नहीं देने के लिए मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव के नेतृत्व वाले बीआरएस पर हमला किया था। इस साल मार्च में कविता ने महिला आरक्षण के मुद्दे पर राष्ट्रीय राजधानी में भूख हड़ताल किया था।

कविता ने कहा, "मैं हर राजनीतिक दल से यही अनुरोध करता हूं कि यह मेरी घरेलू समस्या नहीं है। यह महिलाओं की समस्या है। यह देश की 70 करोड़ महिलाओं की समस्या है। हम गर्व से कहते हैं कि महिलाएं अंतरिक्ष में भी जा रही हैं, लेकिन अगर आप देखें हमारी संसद में, केवल 4.5 प्रतिशत महिला प्रतिनिधि थीं और अब 12.5 प्रतिशत हैं। हमने 75 वर्षों में जो उपलब्धि हासिल की है, वह सिर्फ 8 प्रतिशत का सुधार है।"

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