'...उन्होंने कई बार की BRS सरकार के प्रयासों की सराहना', साइंटिस्ट स्वामीनाथन के निधन पर भावुक हुए CM केसीआर
फेमस साइंटिस्ट प्रोफेसर एमएस स्वामीनाथन के निधन पर तेलंगाना की सीएम के. चंद्रशेखर राव ने गहरा शोक व्यक्त किया। उन्होंने उनके योगदानों को याद करते हुए कहा कि उनका निधन देश के लिए बड़ी क्षति है। सीएम ने याद दिलाया कि स्वामीनाथन ने कई बार कृषि क्षेत्र के विकास के लिए राज्य सरकार द्वारा की गई पहल की सराहना की थी।
प्रोफेसर स्वामीनाथन वर्ष 1987 में प्रथम विश्व खाद्य पुरस्कार से सम्मानित किए गए थे। इसे कृषि के क्षेत्र में सर्वोच्च सम्मान माना जाता है। इसके अलावा भी स्वामीनाथन को कई पुरस्कार प्राप्त हुए थे। इसमें 1971 में प्रतिष्ठित रेमन मैग्सेसे पुरस्कार, 1986 में विज्ञान के लिए अल्बर्ट आइंस्टीन विश्व पुरस्कार शामिल है। प्रोफेसर स्वामीनाथन को टाइम पत्रिका द्वारा 20वीं सदी के बीस सबसे प्रभावशाली एशियाई लोगों में से एक बताया गया था।

98 वर्ष में प्रोफेसर स्वामीनाथन के निधन पर सीएम केसीआर ने उनके योगदान को याद करते हुए कहा कि स्वामीनाथन ने कई बार कृषि क्षेत्र के विकास के लिए राज्य सरकार द्वारा की गई पहल की सराहना की थी। सीएम ने कहा कि कृषि क्षेत्र के विकास में देश को एक रोल मॉडल बनाने में विशेष योगदान रहा है।
मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव ने कहा, "राज्य सरकार ने स्वामीनाथन की इच्छाओं को पूरा किया जिन्होंने इस बात की वकालत की थी कि तेलंगाना उपजाऊ भूमि के इष्टतम उपयोग से भारत के बीज के कटोरे के रूप में विकसित होगा। राज्य में कृषि विकास और किसानों के कल्याण के बारे में जानने के बाद स्वामीनाथन हमेशा तेलंगाना का दौरा करने में रुचि रखते थे।"
वहीं पीएम मोदी ने प्रसिद्ध कृषि वैज्ञानिक एम एस स्वामीनाथन के निधन पर दुख जताया। प्रधानमंत्री ने स्वामीनाथन को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि भारत को प्रगति करते देखने का उनका जुनून अनुकरणीय रहा। पीएम ने कहा कि उनका जीवन और कार्य आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करता रहेगा। बता दें कि प्रोफेसर एम एस स्वामीनाथन की पत्नी मीना स्वामीनाथन का पिछले साल निधन हो चुका है। उनकी बेटी सौम्या स्वामीनाथन, विश्व स्वास्थ्य संगठन की मुख्य वैज्ञानिक रह चुकी हैं।












Click it and Unblock the Notifications