राजस्थान विधानसभा चुनाव 2023 : भाजपा आई 'मिशन मोड' में, पूर्व सीएम वसुंधरा राजे व प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनिया की
जयपुर, 8 जुलाई। राजस्थान में वर्ष 2023 के आखिर में होने वाले विधानसभा चुनाव में भले ही अभी वक्त है, लेकिन भाजपा अभी से ही 'मिशन मोड' पर दिखाई दे रही है। इसका अंदाज़ा इस बात से भी लगाया जा सकता है कि पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे से लेकर प्रदेशाध्यक्ष डॉ सतीश पूनिया बंद कमरों की 'ट्विटर पॉलिटिक्स' को छोड़ फील्ड पर एक्टिव नज़र आ रहे हैं। वहीं संगठन से जुड़ी सिलसिलेवार बैठकें भी जारी हैं, जो कार्यकर्ताओं को रिचार्ज किए हुए हैं।

मीडिया फ्रेंडली हुईं वसुंधरा!
पूर्व सीएम वसुंधरा राजे पिछले दिनों से फील्ड में कुछ ज़्यादा ही एक्टिव नज़र आ रही हैं। उन्हें पिछले एक सप्ताह के भीतर तेलंगाना से लेकर उदयपुर और जोधपुर में सक्रीय देखा गया। तेलंगाना में राष्ट्रीय कार्यकारिणी बैठक में लिए फैसलों की जानकारी देने से लेकर उदयपुर और जोधपुर में राजे कई दफा मीडिया से मुखातिब हुईं। इस दौरान उनका मीडिया फ्रेंडली रवैया राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बना हुआ है।
संगठन को रिचार्ज किए हुए पूनिया
प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनिया भी संगठन को मजबूत करने की दिशा में पहले की तरह फील्ड में एक्टिव हैं। वे जहां जा रहे हैं वहां स्थानीय पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं की बैठक लेकर उन्हें चुनावी मिशन में जुट जाने को कह रहे हैं। पूनिया अपने कार्यकर्ताओं को वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव में तीन-चौथाई बहुमत के साथ भाजपा की सरकार बनाने का संकल्प दिला रहे हैं।
'ऑल इज़ वेल' का दे रहे सन्देश
प्रदेश भाजपा की अंदरूनी राजनीति में गुटबाज़ी एक बार नहीं बल्कि कई बार सुर्ख़ियों में रही है। राजे और पूनिया समर्थित गट कई दफा खुलकर एक-दूसरे के आमने-सामने हो चुके हैं। इस बीच एकजुटता दिखाने का सिलसिला भी जारी है। तेलंगाना में हालिया संपन्न राष्ट्रीय कार्यकारिणी बैठक के दौरान राजस्थान भाजपा के सभी सीनियर नेताओं ने एक बार फिर एकजुटता का सन्देश देने की कोशिश की थी। पूर्व सीएम वसुंधरा राजे, प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनिया, केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत, नेता प्रतिपक्ष गुलाब चंद कटारिया, उपनेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ की एकसाथ एक तस्वीर चर्चा में रही थी।
बूथ,मंडल और पन्ना इकाइयों पर फोकस
प्रदेश भाजपा का पूरा फोकस फिलहाल संगठन के बूथ,मंडल और पन्ना इकाइयों को मजबूत बनाने पर है। राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के आह्वान के बाद पूर्व सीएम वसुंधरा राजे और प्रदेशाध्यक्ष डॉ सतीश पूनिया भी इन इकाइयों को महत्वपूर्ण कड़ी मानते हुए मजबूत करने की बात कह रहे हैं। पार्टी की कोशिश है कि इन्हीं इकाइयों के ज़रिये पार्टी की पहुंच आमजन के हर वर्ग तक पहुंच सके और केंद्र की मोदी सरकार की उपलब्धियां और जनकल्याणकारी योजनाओं के साथ ही गहलोत सरकार की विफलताओं का भी प्रचार किया जा सके।
भाजपा प्रदेशाध्यक्ष डॉ सतीश पूनिया ने कहा कि किसी संगठन की निरंतरता ही उसकी जीवंतता का सबसे बड़ा उदाहरण है। संगठन के सदस्यों के पराक्रम से ही सुखद परिणाम आते हैं। भाजपा आज दुनिया का सबसे बड़ा संगठन है, इसका प्रमुख कारण कार्यकर्ताओं का कड़ा परिश्रम है।












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