ओडिशा विधानसभा में भूमि अधिग्रहण को आसान बनाने संबंधी विधेयक हुआ पारित, जानें इससे क्या मिलेगा लाभ
ओडिशा सरकार ने विभिन्न औद्योगिक और बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के लिए भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए भूमि अधिग्रहण, पुनर्वास और पुनर्स्थापन में उचित मुआवजा और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 में संशोधन के लिए विधेयक पेश किया था जो बुधवार को पास हो चुका है।

भूमि अधिग्रहण, पुनर्वास और पुनर्स्थापन में उचित मुआवजा और पारदर्शिता का अधिकार (ओडिशा संशोधन) विधेयक-2023 के नाम से पारित हुए इस विधेयक में विभिन्न औद्योगिक और ढांचा परियोजनाओं के अधिग्रहण में अनिवार्य सामाजिक प्रभाव मूल्यांकन (एसआईए) से छूट के प्रावधान और भूमि के दौरान खाद्य सुरक्षा की सुरक्षा के लिए विशेष प्रावधान शामिल हैं।
ये पारित हुए विधेयक के बाद RFCTLAR&R अधिनियम 2013 में एक नया अध्याय जोड़ा जाएगा जिसमें राज्य सरकार द्वारा एक अधिसूचना के जरिए भूमि अधिग्रहण करते समय कुछ परियोजनाओं को SIA से छूट देने और खाद्य सुरक्षा का प्रावधान करने का प्रावधान किया जाएगा।
केंद्रीय कानून में संशोधन के साथ, ओडिशा सरकार का लक्ष्य भूमि अधिग्रहण से पहले सामाजिक प्रभाव मूल्यांकन (एसआईए) अध्ययन के अनिवार्य प्रावधान को खत्म करना है ,जिसमें काफी समय लगता है। 2023 का भूमि अधिग्रहण कानून के तहत निजी भूमि का अधिग्रगहण अनिवार्य किए गए एसआईए के प्रवाधानों की वजह से ये ओडिशा सरकार के लिए हमेशा से एक बड़ी चुनौती रही है।
इससे पहले ओडिशा सरकार ने मार्च में ये विधेयक सदन में पेश किया था लेकिन उसे वापस ले लिया था। वहीं अब विपक्षी पार्टी भाजपा और कांग्रेस विभिन्न मांगो को लेकर सदन से बाहर चले गए थे, फिर ये विधेयक पारित हो गया।
केंद्रीय कानून में जरूरी बदलाव के लि इसीलिए ओडिशा सरकार ने एक टास्क फोर्स गठित की थी । इस टास्क फोर्स ने औद्योगिक प्रोजक्ट के लिए भूमि के सरल हस्तांतरण की सुविधा की प्रक्रियाओं की भी पैरवी की थी।
ओडिशा से पहलें महाराष्ट्र, गुजराज समेत अन्य राज्यों में 2013 के इस केंद्रीय कानून में अलग-अलग वर्षों में संसोान किए गए है। वहीं राजस्व और आपदा प्रबंधन मंत्री सुदाम मरांडी ने इस विधेयक को पेश करते हुए कहा था तक उक्त तीन राज्यों को राष्ट्रपत से सहमति मिल चुकी है ।
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