भगवंत मान सरकार ने मिड-डे मील के लिए जारी की नई गाइडलाइंस, प्री-प्राइमरी के विद्यार्थियों को मिलेगा लंच
पंजाब के सरकारी स्कूलों में बच्चों को मिलने वाले मिड-डे मील को लेकर अहम खबर सामने आई है। जानकारी के अनुसार पंजाब स्कूलों में मिड-डे मील के लिए नई गाइडलाइंज जारी हुई हैं। बताया जा रहा है कि प्री-प्राइमरी के विद्यार्थियों को एक सितंबर से दोपहर का खाना मिलेगा।
पंजाब के सभी सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों में पढ़ते प्राइमरी स्कूल या स्कूल अटैंड करने वाले विद्यार्थियों जो बालवाटिका (प्री-प्राइमरी) के तहत ऑनरोल किए गए हैं, उन्हें वर्किंग डे वाले दिन मिड-मील दिया जाएगा। आदेशों को तुरन्त लागू करते हुए पहली कक्षा से पहले की सभी कक्षाओं एल.के.जी. को दोपहर का खाना देना सुनिश्चित किया जाए।

विद्यार्थी को मिड-डे मील देने से पहले सुनिश्चित करना होगा कि उसे पहले कोई और स्कीम के तहत दोपहर के खाना या फिर अनाज का लाभ तो नहीं मिल रहा। क्योंकि बहुत से स्कूलों में आंगनवाड़ी शिफ्ट किए गए हैं। इसलिए कई विद्यार्थियों को आंगनवाड़ी विभाग कवर कर रहा है।
यू.के.जी. कक्षा के विद्यार्थी के लिए (गेहूं या चावल) 100 ग्राम प्रति बच्चा-प्रति दिन देना होगा और इस संबंधी कुकिंग कोस्ट के रेट प्राइमरी कक्षा वाले ही देंगे। मौजूदा समय में ये रेट प्रति विद्यार्थी प्रति दिन 5.45 रुपए होगा।
प्री-प्राइमरी कक्षा के विद्यार्थियों की संख्या 180 है तो इसको ध्यान में रखते हुए अगर कुक-कम हैल्पर की जरूरत पड़ती है तो तुरन्त रख लिए जाएं और अगर विद्यारिथियों की संख्या 205 है तो एक और हैल्पर भी रखा जा सकता है। यही नहीं कुक-कम हैल्पर रखते समय पूरा प्रोसीजर अपनाया जाए।
इस दौरान कुकिंग कोस्ट खर्च रजिस्टर और स्टाक रजिस्टर लगाया जाए ताकि अनाज के इस्तेमाल और कुकिंग कोस्ट के खर्च संबंधी चैकिंग करते समय कोई दिक्कत न हो। विद्यार्थियों की संख्या ब्लाक स्तरीय पर रिपोर्ट में प्राइमरी या अपर प्राइमरी की तरह ही अलग भेजी जाए और इसका रिकार्ड भी रखा जाए।
मिड-डे मील संबंधी एप में रोजाना का डाटा फीड किया जाना चाहिए, ताकि कोई दिक्कत न हो।












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