आंध्र प्रदेश: 2024 के चुनावों में वाईएसआरसी बड़ी जीत के लिए बदल सकती है अपने कुछ सांसद
2024 में लोकसभा चुनाव होने वाले हैं और कुछ राज्यों में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। आंध्र प्रदेश राज्य भी उन राज्यों में शामिल है जहां पर अगले साल विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। पड़ोसी राज्य तेलंगाना में कांग्रेस ने अपनी गारंटियों के दम पर सरकार बनाई है, ऐसे में आंध्र प्रदेश की सत्तारूढ़ वाईएसआरसी को 2024 में होने वाले चुनावों की चिंता सताने लगी है।

बता दें आंध्र प्रदेश की सत्तारूढ़ वाईएसआरसी ने राज्य के विधानसभा क्षेत्रों में 11 नए समन्वयक नियुक्त किए हैं, जिसमें कुछ मौजूदा विधायकों को हटा दिया गया और कुछ को बदल दिया गया वहीं अब माना जा रहा है कि पार्टी द्वारा कुछ लोकसभा सीटों के लिए भी उम्मीदवारों को बदलने की संभावना है।
पार्टी सूत्रों के अनुसार कुछ मौजूदा सांसद चुनाव लड़ने और विधानसभा में जाना नहीं चाहते हैं। ऐसे में पार्टी उन्हें बनाए रख सकती है, लेकिन कुछ अन्य को बदलने की संभावना है क्योंकि उनका प्रदर्शन उनकी लोकसभा सीटों पर नहीं है इसलिए पार्टी शायद ही आगमी चुनाव में टिकट देगी।
सूत्रों के वाईएसआरसी कम से कम चार सांसदों को बदलेगी और उनमें से दो को पहले ही वैकल्पिक विधानसभा सीटें दिखाई जा चुकी हैं।
वाईएसआरसी एलुरु के सांसद कोटागिरी श्रीधर की जगह किसी अन्य बीसी नेता की तलाश कर रही है, जिन्होंने दोबारा चुनाव लड़ने की अनिच्छा की घोषणा की थी। बताया जाता है कि श्रीधर वाईएसआरसी की अंदरूनी राजनीति से नाराज चल रहे हैं।
वहीं दूसरी ओर पार्टी नेतृत्व का मानना है कि संसद स्थानीय नेताओं के साथ तालमेल बिठाने में विफल रहे हैं और जनता के लिए उपलब्ध नहीं हैं।
वहीं राजय की पूर्वी गोदावरी जिले में वाईएसआरसी चाहती है कि राजामहेंद्रवरम के सांसद मार्गनी भरत राजामहेंद्रवरम शहरी विधानसभा सीट से चुनाव लड़ें। 2019 के चुनाव में राजामहेंद्रवरम शहरी और ग्रामीण दोनों सीटें टीडीपी ने जीती थीं।
वाईएसआरसी चाहती है कि भरत 2024 के चुनावों में पहली बार विधायक बने आदिरेड्डी भवानी को टक्कर दें और एमपी सीट के लिए किसी अन्य बीसी नेता की तलाश कर रही है। रायलसीमा में पार्टी द्वारा बहुत अधिक बदलाव करने की संभावना नहीं है।












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