आंध्र प्रदेश सरकार का फैसला, कृष्णा डेल्टा में खड़ी फसलों के लिए हफ्ते में एक बार छोड़ा जाएगा पानी
आंध्र प्रदेश सरकार ने जल संसाधनों की कम उपलब्धता के मद्देनजर खड़ी फसलों की सुरक्षा के लिए कृष्णा डेल्टा में 'वारबंदी' (साप्ताहिक ऑन-ऑफ रिलीज) लागू करने का निर्णय लिया है। सिंचाई विभाग पहले ही पूर्वी और पश्चिमी दोनों डेल्टाओं को लगभग 85 टीएमसी फीट पानी की आपूर्ति कर चुका है। ऐसे में अब 'वाराबंदी' प्रणाली के साथ जल संकट का प्रबंधन करने का निर्णय लिया गया है।
राज्य सरकार ने जून के पहले सप्ताह में प्रकाशम बैराज से पानी छोड़ कर खरीफ सीजन की शुरुआत की। जुलाई तक लगभग 10 लाख एकड़ में धान की रोपाई पूरी हो चुकी है। एक वरिष्ठ सिंचाई अधिकारी ने कहा कि प्रकाशम बैराज से अयाकट्टू को पर्याप्त पानी की आपूर्ति की गई है। कृष्णा नदी में प्रवाह की कमी के कारण पट्टीसीमा लिफ्टिंग योजना और पुलीचिंतला परियोजना से पानी लिया जा रहा। कृष्णा डेल्टा की जरूरतों को पूरा करने के लिए पुलिचिंतला परियोजना से लगभग 35.93 टीएमसी फीट पानी छोड़ा गया था, जबकि पट्टीसीमा योजना से 29.88 टीएमसी फीट पानी निकाला गया था।

मामले में सिंचाई मंत्री अंबाती रामबाबू ने कहा कि इस साल प्रतिकूल मौसम की स्थिति के कारण, कृष्णा नदी बेसिन में कम वर्षा हुई। परिणामस्वरूप, कृष्णा डेल्टा में पानी छोड़ने के लिए श्रीशैलम और नागार्जुनसागर जलाशयों में पर्याप्त पानी नहीं है।












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