आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय को राज्य सरकार- सब रजिस्ट्रार की शक्तियां बरकरार
अमरावती,20 अक्टूबरः राज्य सरकार ने आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय को सूचित किया है कि संपत्तियों के पंजीकरण के लिए वार्ड और ग्राम सचिवालय सचिवों के सशक्तिकरण के बावजूद संपत्तियों का पंजीकरण हमेशा की तरह किया जाएगा। सरकार ने
अमरावती,20 अक्टूबरः राज्य सरकार ने आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय को सूचित किया है कि संपत्तियों के पंजीकरण के लिए वार्ड और ग्राम सचिवालय सचिवों के सशक्तिकरण के बावजूद संपत्तियों का पंजीकरण हमेशा की तरह किया जाएगा। सरकार ने अदालत को यह भी बताया कि उप-पंजीयक को संपत्तियों का पंजीकरण नहीं करने का कोई आदेश जारी नहीं किया गया था। अदालत ने बुधवार को एनटीआर जिले के कांकीपाडु गांव के के सीताराम प्रसाद द्वारा दायर एक जनहित याचिका पर सुनवाई की, जिसमें राज्य सरकार के आदेश को चुनौती दी गई थी

जिसमें ग्राम और वार्ड सचिवालय सचिवों को संपत्ति दर्ज करने की अनुमति दी गई थी। याचिकाकर्ता के वकील जे श्रवण कुमार ने कहा कि सचिवों को संपत्तियों के पंजीकरण का अधिकार देना कानून के खिलाफ है। शासन की विशेष अधिवक्ता सुमन ने कहा कि ग्राम एवं वार्ड सचिवालय सचिवों को निबंधन अधिनियम की धारा 5 एवं 6 के अनुसार सम्पत्तियों के पंजीयन का अधिकार दिया गया है। उन्होंने कहा कि उन्होंने संपत्तियों के पंजीकरण को रोकने के लिए सब-रजिस्ट्रारों को नहीं रोका है और वे संपत्तियों का पंजीकरण जारी रख रहे हैं। सरकार ने यह भी कहा कि उसने उप-पंजीयकों में 51 ग्राम सचिवों को अधिसूचित किया है। अदालत ने एक ज्ञापन में सरकार से उसकी दलीलें पूछी और मामले को 1 नवंबर के लिए पोस्ट कर दिया।












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