IRR केस में चंद्रबाबू नायडू के बेटे नारा लोकेश को लगा झटका, हाई कोर्ट ने अग्रिम जमानत देने से किया इनकार
अमरावती इनर रिंग रोड (आईआरआर) संरेखण मामले में टीडीपी प्रमुख एन चंद्रबाबू नायडू के बेटे नारा लोकेश को आंध्र प्रदेश हाई कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। हाई कोर्ट ने इस केस में नारा लोकेश की अग्रिम जमानत देने से इनकार कर दिया है। वहीं आंध्र प्रदेश की सीबीआई टीम नारा लोकेश को नोटिस सर्व करने के लिए दिल्ली पहुंची है।

राज्य सरकार ने बताया कि इस मामले में आपराधिक प्रक्रिया संहिता (crpc) की धारा 41ए के तहत नोटिस दिया जाएगा। अपराध जांच विभाग (CID), ने आईआरआर मामले में लोकेश को आरोपी नंबर 14 (A14) बनाया है, लोकेश को नोटिस देने के लिए दिल्ली जा चुकी है।
नारा लोकेश के खिलाफ आईपीसी की धार 120 बी के तहत अपराधिक साजिश और धारा 420 के तहत धोखाधड़ी के अलावा भ्रष्टाचार निवार अधिनियम 1988 के प्रवाधानों के तहत केस दर्ज किया गया है1
वहींं आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट ने एपीएसएसडीसी घोटाले और फाइबरनेट घाेटाले के केस में अग्रिम जमानत की मांग संबंधी नारा लोकेश की अपील पर 4 अक्टूबर तक सुनवाई टाल दी है। लोकेश के वकीलों द्वारा दायक की लंच मोशन का जवाब देते हुए केस पोस्ट किया।
कोर्ट ने अंतरिम आदेश देते हुए सीआईडी को कौशल विकास निगम घोटाले में 4 अक्टूबर तक उन्हें गिरफ्तार नहीं करने को कहा है। वहीं उच्च न्यायलय ने आईआरआर संरेखण मामले में उनके पिता चंद्रबाबू नायडू की अग्रिम जमानत याचिका 3 अक्टूबर तक के लिए स्थगित कर दी।
बता दें नारा लोकेश अपने पिता की गिरुफ्तारी के बाद से दिल्ली में हैं और वहां पर 70 करोड़ रुपये के कथित एपीएसएसडीसी घोटाले में पूर्व मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू की रिहाई के लिए वहां के प्रतिष्ठित वकीलों और वरिष्ठ राजनेताओं से मुलाकात कर रहे हैं।
गौरतलब है कि सीआईडी अमरावती में आईआरआर के संरेक्षण में बदलाव करने के लिए की अनियमितताओं की जांच कर रही है। 26 सितंबर को विजयवाड़ा में भ्रष्टाचार निरोधक कोर्ट में टीडीपी नेता नारा लोकेश को आरोपी के रूप में नामित किया गया था। लोकेश पर सीबीआई ने आरोप लगया है कि उन्होेंने कुछ लोगों को लाभ पहुंचाने के लिए अमरावती की इनर रोड के संरेखण में बदलाव करने में अहम भूमिका निभाई है। इसके साथ ही नारा लोकेश पर बिजनेसमैन लिंगमनेनी रमेश के परिवार की मदद करने का भी आरोप है।
पूर्व नगरपालिका प्रशासन मंत्री पी नारायण के अलावा चंद्रबाबू नायडू को भी अमरावती आईआरएस केस में शामिल किया गया है। इसकी वजह है कि नायडू ने अमरावती इनर रिंग रोड के संरेखण के मास्टर प्लान को डिजाइन करने में अहम भूमिका निभाई थी।












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