आंध्र प्रदेश सरकार के मंत्री का दावा, राज्य की तीन राजधानी करने के लिए हमारी सरकार अभी भी प्रतिबद्ध है
विजयवाड़ा, दिसंबर 18। अमरावती परिरक्षण समिति पदयात्रा शुक्रवार को तिरुपित में एक सार्वजनिक मीटिंग के साथ खत्म हुई। इस पदयात्रा के समापन के बाद भी ये मुद्दा बरकरार है कि आंध्र प्रदेश की तीन राजधानियां होंगी या नहीं। दरअसल, ये पदयात्रा तीन राजधानियों की मांग को लेकर ही थी। पिछले महीने राज्य सरकार ने तीन राजधानी वाला प्रस्ताव वापस ले लिया था, लेकिन राज्य सरकार के ही मंत्री पेड्डिरेड्डी रामचंद्र रेड्डी ने जोर देकर कहा कि सरकार प्रतिबद्ध है राज्य के लिए तीन राजधानियां हो, जैसे कि सरकार ने पहले घोषित किया था।

शुक्रवार शाम को रेनीगुंटा के तिरुपति हवाई अड्डे पर पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा कि तीनों राजधानियों का उद्देश्य सभी क्षेत्रों का समान विकास करना है। इस कारण से, कुरनूल को न्यायिक राजधानी, अमरावती विधायी राजधानी और विशाखापत्तनम को कार्यकारी राजधानी के रूप में प्रस्तावित किया गया था।
पेड्डिरेड्डी रामचंद्र रेड्डी ने चंद्रबाबू नायडू पर आरोप लगाते हुए कहा कि राज्य की जनता ने उनपर विश्वास करते हुए अमरावती में ये सोचकर जमीन खरीदी थी कि उसके मूल्य में वृद्धि होगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। वो लोग अब सिर्फ अमरावती को राजधानी बनाने की मांग को लेकर सड़कों पर उतर आए हैं। यह भगवान नहीं था। , लेकिन चंद्रबाबू नायडू जिन्होंने तिरुपति में पूरे शो का निर्देशन किया था। रेड्डी ने कहा कि चंद्रबाबू को एक झटका लगा, जब उन्होंने सत्ता खो दी और अचल संपत्ति का कारोबार करके पूंजी के मुद्दे को भुनाने का अवसर मिला।
पेड्डीरेड्डी ने बताया कि नायडू, जो एक ही क्षेत्र (हैदराबाद) के विकास पर केंद्रित थे, वही अमरावती में दोहराना चाहते थे, लेकिन वाईएसआरसी के सत्ता में आने के साथ उनकी योजना विफल हो गई। उन्होंने तर्क दिया, "नायडु के सत्ता में लौटने की कोई गुंजाइश नहीं है और उनके निर्देश पर आंदोलन और आंदोलन का कोई मतलब नहीं है।" उन्होंने कहा कि अमरावती के साथ अन्याय हो रहा है। उन्होंने कहा कि हमने सभी क्षेत्रों के साथ न्याय करने का प्रयास किया।












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