आंध्र प्रदेश सरकार ने दी बड़ी राहत, बकाया संपत्ति टैक्स पर माफ किया ब्याज
विशेष मुख्य सचिव (नगरपालिका प्रशासन और शहरी विकास) वाई श्रीलक्ष्मी ने कहा कि पुराने बकाया पर ब्याज माफ करने का फैसला उन सभी को राहत देने के लिए एकमुश्त प्रोत्साहन के रूप में लिया गया है।

आंध्र प्रदेश सरकार ने संपत्ति करदाताओं को बड़ी राहत देते हुए चालू वित्त वर्ष तक के जमा बकाये पर ब्याज माफ कर दिया है। ब्याज माफी उन लोगों पर लागू होगी जो 31 मार्च से पहले संपत्ति टैक्स और खाली भूमि टैक्स (वीएलटी) का भुगतान करेंगे।
विशेष मुख्य सचिव (नगरपालिका प्रशासन और शहरी विकास) वाई श्रीलक्ष्मी ने कहा कि पुराने बकाया पर ब्याज माफ करने का फैसला उन सभी को राहत देने के लिए एकमुश्त प्रोत्साहन के रूप में लिया गया है, जो पिछले दो वर्षों में कोविड-19 के प्रकोप के बाद लॉकडाउन के चलते करों का भुगतान नहीं कर सके।
वाई श्रीलक्ष्मी ने कहा, 'मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी ने करदाताओं को राहत देने के लिए सभी संपत्ति करों और खाली भूमि करों पर ब्याज माफ करने को हरी झंडी दे दी है। कोविड-19 के दौरान लोगों को हुई आर्थिक तंगी को देखते हुए यह फैसला लिया गया है।'
नियमों के अनुसार, शहरी स्थानीय निकाय (ULBs) प्रत्येक वित्तीय वर्ष की पहली छमाही की समाप्ति के बाद प्रति माह मूल कर पर 2% की दर से देय राशि पर साधारण ब्याज एकत्र करेंगे। जनप्रतिनिधियों और यूएलबी के सामान्य निकायों ने राज्य सरकार से अनुरोध किया कि वह कोविड-19 के प्रकोप के बाद लगभग दो वर्षों तक लोगों को हुई कठिनाई को ध्यान में रखते हुए ब्याज माफी देने पर विचार करें।
इसके बाद, नगर निगम प्रशासन (सीडीएमए) के आयुक्त और निदेशक प्रवीण कुमार ने यूएलबी और जनप्रतिनिधियों के अनुरोध पर विचार करने के लिए एक प्रस्ताव भेजा। मामले की गंभीरता को समझते हुए राज्य सरकार ने वित्तीय वर्ष 2022-23 तक सभी संचित बकायों पर ब्याज माफ करने का निर्णय लिया है।












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