आंध्र प्रदेश: 2014-2019 के दौरान 6 लाख युवाओं को सरकार ने दी नौकरी
आंध्र प्रदेश सरकार ने अपनी महत्वाकांक्षी योजनाओं के तहत 2014 से 2019 के बीच बड़े स्तर पर युवाओं को सरकारी नौकरियां प्रदान की हैं। सरकार की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार, आंध्र प्रदेश सरकार ने 2014 से 2019 तक छह लाख से ज्यादा युवाओं को नौकरियां मुहैया करवाई हैं। सरकार की रिपोर्ट के अनुसार, उपरोक्त अवधि में कुल 6,16,323 नौकरियां प्रदान की गईं। इसमें से 2,06,638 लोगों को स्थायी आधार पर नौकरी दी गई। वहीं, 37,908 नौकरियां कॉन्ट्रेक्ट के आधार पर उपलब्ध कराई गईं हैं, जबकि 3,71,777 नौकरियां आउटसोर्सिंग और अन्य प्रकार की हैं।

सरकार ने इस संबंध में प्रमाणिक जानकारी देते हुए विभागवार नौकरियों की सूची भी उपलब्ध कराई है। सरकार की ओर से जारी सूची को देखें तो पता चलता है कि सर्वाधिक 3,85,977 नौकरियां ग्राम स्वयंसेवक/ वार्ड स्वयंसेवक और गांव सचिवालय/ वार्ड सचिवालयों में दी गईं हैं। इनमें 1,25,110 नौकरियां नियमित आधार पर और 2,60,867 नौकरियां आउटसोर्सिंग और अन्य प्रकार की हैं।
नौकरियां देने में परिवहन और स्वास्थ्य विभाग दूसरे और तीसरे स्थान पर
इसके बाद एपीएसआरटीसी यानी आंध्र प्रदेश स्टेट रोड ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन की ओर से 58,388 नौकरियां प्रदान की गईं हैं। इनमें से 51,387 नौकरियां नियमित आधार पर 7,001 नौकरियां आउटसोर्सिंग और अन्य प्रकार की हैं। वहीं, तीसरे स्थान पर स्वास्थ्य, चिकित्सा और परिवार कल्याण विभाग रहा है जिसमें 40,676 नौकरियां दी गईं। इनमें से 16,880 नौकरियां नियमित आधार पर, 20,502 कॉन्ट्रेक्ट जॉब्स और 3,294 नौकरियां आउटसोर्सिंग और अन्य प्रकार की हैं।
स्वरोजगार योजना : 19 हजार करोड़ की सहायता से 55 लाख लाभान्वित
इतना ही नहीं आंध्र प्रदेश सरकार की ओर से युवाओं में स्वरोजगार की प्रवृत्ति को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 19,129.05 करोड़ रुपये की 11 विशेष योजनाएं संचालित की जा रहीं हैं। इन योजनाओं के करीब 55,57,939 लोग लाभान्वित हो रहे हैं। इनमें से 7,868.38 करोड़ रुपये की आठ योजनाओं के लाभार्थी 23,30,759 हैं।
महिला लाभार्थियों की संख्या 10 लाख ज्यादा
इनमें से तीन योजनाएं सिर्फ महिलाओं के लिए संचालित की जा रहीं हैं। जिनके तहत 32,27,180 महिलाएं लाभान्वित हो रहीं हैं। इनके लिए सरकार की ओर से 11,260.67 करोड़ रुपये की सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। यानी की सरकार की स्वरोजगार के लिए चलाई जा रही 11 योजनाओं के कुल बजट 19,129.05 करोड़ रुपये का आधे से ज्यादा हिस्सा 11,260.67 करोड़ रुपये सिर्फ महिलाओं में स्वरोजगार की प्रवृत्ति को बढ़ावा देने के उद्देश्य की पूर्ति के लिए निर्धारित किया गया है। शायद यही कारण है कि महिला लाभार्थियों की संख्या 32,27,180 पुरुष लाभार्थियों की संख्या 23,30,759 से करीब 10 लाख अधिक है।












Click it and Unblock the Notifications