चंद्रबाबू नायडू की याचिका के खिलाफ आंध्र प्रदेश सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में दायर की कैविएट
आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू आंध्र प्रदेश राज्य कौशल विकास निगम (एपीएसएसडीसी) घोटाले के केस में जेल की सजा काट रहे हैं। टीडीपी सुप्रीमों एन चंद्रबाबू नायडू ने हाईकोर्ट HC द्वारा मामले में उनके खिलाफ दर्ज एफआईआर को रद्द करने के लिए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। नायडू की इस याचिका के खिलाफ अब आंध्र सरकार की ओर से सर्वोच्च न्यायालय में कैविएट याचिका दायर की है।

गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट में ये आंध्र प्रदेश सरकार की ओर से दायर की गई कैविएट याचिका दायर की, जिसमें अनुरोध किया गया है कि हाई कोर्ट के फैसले को चुनौती देने वाली टीडीपी सुप्रीमो एन चंद्रबाबू नायडू की याचिका पर भी उनकी दलील सुनी जाए।
सुप्रीम कोर्ट में आंध्र प्रदेश सरकार के वकील, महफूज़ अहसन नाज़की ने ये कैविएट याचिका दायर की है जिसमें उन्होंने कहा है कि आंध्र प्रदेश राज्य कौशल विकास निगम (एपीएसएसडीसी) घोटाले में नायडू की भूमिका साबित करने के लिए पर्याप्त सबूत हैं।
एपीएसएसडीसी मामले में चंदबाबू नायडू की कथित संलिप्तता के बाद उन्हें गिरफ्तार किया था जिसके बाद उन्हें राजमुंदरी सेंट्रल जेल में रखा गया है। हाईकोर्ट ने मामले में उनके खिलाफ दर्ज एफआईआर को रद्द करने की उनकी याचिका खारिज करने के बाद, नायडू ने सुप्रीम का रुख किया था। नायडू की याचिका पर शीर्ष अदालत 3 अक्टूबर को मामले की सुनवाई करेगी।
राज्य सरकार ने सर्वोच्च न्यायालय में दाखिल की कैविएट याचिका में कहा है कि टीडीपी प्रमुख चंद्रबाबू नायडू ने छात्रों को प्रशिक्षण देने के बहाने धोखाधड़ी का सहारा लिया है। फंड को शेल कंपनियों में दोबारा भेजा गया और भुनाया गया। याचिका में ये बताते हुए कि केंद्रीय जांच एजेंसियों ने धन की हेराफेरी की जांच शुरू की थी। याचिका में उल्लेख किया गया कि जीएसटी विभाग ने राज्य सरकार को कथित घोटाले के बारे में सूचित किया था।












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